प्रदेश में 273 स्पॉट खून के प्यासे

जीवीके के सर्वे में खुलासा, एक ही जगह बार-बार हो रहे हादसे

कुल्लू, कांगड़ा – पहाड़ी राज्य हिमाचल में बार-बार एक ही जगह पर एक्सिडेंट हो रहे हैं। ऐसे स्पॉट का आंकड़ा एक-आधा नहीं बल्कि पौने तीन सौ पहुंच गया। बार-बार एक जगह पेश आ रही  दुर्घटनों को रोकने के लिए अभी कोई कोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।  इनका खुलासा जीवीके के सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। बतातें चलें कि जनवरी से मार्च तक जीवीके ने प्रदेश में होने वाले हादसों का सर्वे किया तो चौंकाने वाला रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में 741 ऐसे स्थान हैं, जहां पर सबसे अधिक दुर्घटनाओं की प्रवृत्ति रहती है। वहीं, 273 ऐसे स्थान हैं। जहां पर बार-बार हादसे हो रहे हैं। इनमें 22 ऐसे स्थान हैं, जहां पर बहुत ज्यादा दुर्घटनाएं पेश आ रही हैं। इन स्थानों पेश आ रहे सड़क हादसों में ज्यादातर लोग घायल ही नहीं बल्कि हादसे के ताव को सह न पाते हुई उनकी मृत्य तक हो रही है। लिहाजा, हादसों का ग्राफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा ने हादसे की सूचना मिलते ही स्पॉट पर पहुंच कर हादसों में घायलों को उपचार के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हिमाचल के ब्लैक स्पॉट  जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। बता दें कि कांगड़ा  जिला में 108  हादसे के स्थान हैं। वहीं, शिमला में 96, मंडी में 82, सोलन 76, चंबा 69,  कुल्लू 64, सिरमौर 57, ऊना 54, हमीरपुर 55, बिलासपुर 53, किन्नौर 15, लाहुल-स्पीति 12 ब्लैक स्पॉट हाल के तीन महीनों में चिहिन्त किए गए हैं। जहां बार-बार सड़क हादसे पेश आ रहे हैं। तीन महीनों में   65766 लोग पीडि़त हो गए हैं। जिला कांगड़ा की बात करें तो यहां पर सड़क हादसे में 12025 लोग पीडि़त हो गए हैं। वहीं, ऊना में 8794, सोलन में 8406, शिमला में 8139, मंडी में 7023, सिरमौर में 6716, बिलासपुर में 4605, हमीरपुर 4465, कुल्लू 2557, चंबा 2279, किन्नौर 464 और लाहुल-स्पीति में 293 लोग हादसे में पीडि़त ही नहीं बल्कि मौत के घाट तक उतर आए हैं। हिमाचल में जीवीके ईएमआरआई के प्रभारी मेहल सुकुमरन ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि दुर्घटना से होने वाली अनहोनी को रोकने के लिए सड़क दुर्घटना के दौरान मृत्यु और चोटों को रोकना, दोनों ही स्थितियों में उच्चतम स्तर का उपचार करवाना जरूरी है। 

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