प्रदेश विश्वविद्यालय हुआ पूरी तरह से हाइटेक

शिमला—हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। एक जुलाई से एचपीयू के सभी कार्य पूरी तरह से ऑनलाइन होंगे।  अब एचपीयू में पढ़ने वाले छात्रों को अपने छोटे – छोटे फॉर्म जमा करवाने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। बता दें कि ईआरपी सिस्टम के तहत एचपीयू ने सभी प्रशासनिक कार्यो से लेकर हॉस्टल तक के कार्य को एक जुलाई से ऑनलाइन करने का ऐलान कर दिया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सिकंदर कुमार ने कहा है कि एक जुलाई के बाद विश्वविद्यालय में कोई भी लेन देन नकद नहीं होगा , और इसके अतिरिक्त प्रवेश से लेकर माईग्रेशन तक का सारा कार्य ऑनलाईन किया जाएगा। शुक्रवार को  विश्वविद्यालय में ईआरपी प्रणाली की समीक्षा बैठक  के दौरान कुलपति ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रथम चरण में प्री एडमीशन, फीस प्रबन्धन, प्रवेश एवं अकादमिक, पूर्व परीक्षा मॉडयूल, परीक्षा प्रबन्धन और परिणाम, सैल्फ सर्विस पोर्टल फॉर स्टूडेंट, सम्बद्धता प्रबन्धन, छात्रावास और मैस प्रबन्धन, प्लेसमेंट प्रबन्धन, पूर्व छात्र प्रबन्धन वित्त अकाउंटिंग, बज़ट प्रबंधन, भर्ती, पे रोल, जीपीएफ  और पैंशन शाखा, स्थापना शाखा, अवकाश प्रबंधन और कर्मचारियों के लिए सैल्फ सर्विस पोर्टल को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है, तथा इन पोर्टल में समय-समय पर सामने आई ख़ामियों को दूर किया गया है, और उसमें और सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा एचपीयू का दावा है कि ईआरपी से महाविद्यालयों के लिए पेमेंट गेट वे जोड़े जाने की भी योजना है, जिससे महाविद्यालयों को सम्बद्धता इत्यादि के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के लेन-देन में दिक्कत नहीं होगी। अहम यह है कि ऑनलाइन के दूसरे चरण में रिसर्च प्रोजेक्ट, भण्डार और खरीद, एस्टेट, टूअर और ट्रैवल, बिल ट्रैकिंग, आरटीआई, परिवहन, चिकित्सा, दीक्षांत समारोह, अतिथि गृह, फाईल टैकिंग सिस्टम, विपत्ति प्रबन्धन, संगोष्ठी, विधि सैल, ज्ञान प्रबन्ध पोर्टल को एक जुलाई से आरम्भ कर दिया जाएगा और इसके अंतर्गत फाइलों की मौनिटरिंग के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी तालमेल बनाने में सहयोग मिलेगा। बता दें कि एचपीयू को ऑनलाइन करने का सपना काफी पुराना है। नई तकनीक  के इस दौर में ऐसा पहली बार हुआ है कि एचपीयू को ऑनलाइन करने मेंे सफलता मिली है। एचपीयू का दावा तो यह भी है कि बहुत जल्द पूराने रिकोर्ड को भी ऑनलाइन ही किया जाएगा।

बड़ी मोबइल कंपनियां देंगी एचपीयू का सहयोग

एचपीयू में सिग्नल की समस्या न हो, इसके लिए बड़ी – बड़ी मोबाइल कंपनियां एचपीयू का सहयोग करेंगी। जानकारी के अनुसार तीन से चार मोबाइल कंपनियों का टावर एचपीयू में लगाया जाएंगा। इससे वाई से लेकर ऑनलाइन कार्यो में बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए हाई क्वाईलिटी का इंटरनेट छात्रों को मिलेंगा।

कर्मचारियों को मिलेगी ऑनलाइन ट्रेनिंग

बता दें कि प्रदेश विश्वविद्यालय में कई ऐसा पुराना स्टॉफ भी है, जिन्हें शुरूआती दौर में ऑनलाइन टे्रनिंग में दिक्कतें आ सकती है। यही वजह है कि एचपीयू अपने कर्मचारियों को ईआरपी सिस्टम के तहत किस तरह से ऑनलाइन कार्य करने है, इसकी ट्रेनिंग देंगे।

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