प्रवासी भारतीयों ने दुनिया भर में भारत की उत्तम छवि बनाई है:मोदी

कोलंबो – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैले प्रवासी भारतीयों ने भारत की छवि को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और किसी भी देश के लोगों को भारतीय समुदाय से कोई शिकायत नहीं है। श्री मोदी ने आज यहां श्रीलंका यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह पिछले पांच साल में दुनिया के कई देशो में गए और कई लोगों से उनकी मुलाकात हुयी लेकिन किसी ने भी वहां भारतीय समुदाय के बारे में कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में प्रवासी भारतीयों ने अपने आचार, व्यवहार और विचार से भारत की उत्तम छवि बनाई है और गौरव बढ़ाया है तथा वहां के महानुभावों ने भारतीय समुदाय के योगदान का गौरवपूर्ण बखान किया जिससे हमारा मान बढ़ा है। 
श्री मोदी ने कहा कि भारत को देखने के प्रति लोगों और वहां की सरकारों का नजरिया बदला है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां की वर्तमान सरकार और वहां के प्रवासी भारतीयों के बीच ऐसा वैचारिक धरातल तैयार हुआ है और दोनों की मानसिकता का ऐसा ताल मेल हुआ है कि उस देश का प्रधानमंत्री जो सोचता होगा ,वही सुदूर बैठा भारतीय भी सोचता है और यह हमारी सबसे बढ़ी ताकत है।
उन्होंने हाल ही में सम्पन हुए 17वीं लोकसभा चुनावों की चर्चा करते हुए कहा कि देश की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है जो भारतीय मतदाता की सूझबूझ का परिचायक है। दुनिया के लिए यह एक अध्ययन का विषय है। लोग भले ही कहे कि भारत में शिक्षा इतनी नहीं है लेकिन जनता की लोकतंत्र के प्रति समझ प्रतिबद्ध है तथा देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव है इसलिए हम भारत के लोकतंत्र का जितना गुणगान करे उतना कम है। श्री मोदी ने कहा कि चीन के बाद भारत दुनिया का सबसे विशाल देश है और यहां 90 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर यह जनादेश दिया है जिस पर दुनिया को भी आश्चर्य होता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदाताओं ने न केवल मतदान किया बल्कि सबसे अधिक महिला मतदाताओं ने भी मतदान किया और 70 साल में पहली बार इतनी तादाद में लोकसभा में महिला चुन कर आयी और वो भी मई महीने में जब पारा 40-45 डिग्री होता है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने दुनिया के सामने यह सन्देश दिया है कि यहां का लोकतंत्र कितना सामर्थ्यवान है और प्रतिबद्ध है और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भारत कितना समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र एक संस्कार है कोई व्यवस्था नहीं है और यह दुनिया समझ नहीं पाती है। भारत संस्कारों से ही लोकतंत्र से जुड़ा हुआ है तथा हमारा लोकतंत्र नित नयी ताकत हासिल करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में हमें और विकास करना है तथा हर नागरिक के सपने को पूरा करना है। हमें देश को आगे ले जाना है तथा नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना है। उन्होंने भारत की विकास यात्रा में प्रवासियों के सहयोग की अपील भी की। 

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