प्राकृतिक खेती करने वालों के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल

 शिमला —हिमाचल प्रदेश में किसानों को भी अब ऑनलाइन योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा। प्रदेश कृषि विभाग आईटी विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है। इस पोर्टल पर इस साल लगभग 50 हजार किसानों व बागबानों को जोड़ा जाएगा। अहम यह है कि इस सुविधा का फायदा भी ज्यादातर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को ही मिलेगा। जानकारी के अनुसार कृषि विभाग पहली बार किसानों व बागबानों को इस तरह की ऑनलाइन सुविधा दे रहा है। बताया जा रहा है कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को ऑनलाइन ही बिजाई से लेकर कौन से खाद्य पदार्थ इस्तेमाल करने हैं, इस बारे में भी ऑनलाइन जानकारी दी जाएगी। बता दें कि कृषि विभाग द्वारा यह ऑनलाइन पोर्टल लगभग छह महीने से आईटी विशेषज्ञ तैयार कर रहे हैं। इस पोर्टल कई मॉडयूल तैयार किए गए हैं। इसमें किसान-बागबानों को अलग-अलग जानकारियां उपलब्ध करवाए जाने का प्लान है। हालांकि बताया जा रहा है कि किसान-बागबानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए खाद कैसे तैयार करनी है, इस बारे में भी पूरी जानकारी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन पोर्टल पर किसानों को आसानी ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी शेड्यूल प्राप्त हो सकेगा। गौर हो कि प्रदेश कृषि विभाग ने इस बार लगभग 50 हजार नए किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने का टारगेट तय किया है। विभाग नए प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक ही पोर्टल में जोड़कर एक दूसरे के सुझाव भी लेगा। फिलहाल कृषि विभाग किसानों को इस पोर्टल के साथ जोड़ने के लिए किसानों के नाम ऑनलाइन चढ़ाने का कार्य इन दिनों कर रहा है।

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