फिंगर प्रिंट मैच न होने पर नहीं दिया राशन

 दौलतपुर चौक—प्रदेश सरकार द्वारा राशन डिपुओ पर डिजिटल राशन वितिरण प्रणाली के तहत मशीनें लगाकर राशन वितरण के कार्य को आसान और पारदर्शिता बनाया है, लेकिन कई बार यह सुविधा लोगों के लिए असुविधा का कारण भी बन जाती है। ऐसा ही मामला रविवार को क्षेत्र में राशन की दुकान पर पेश आया। डिपो संचालक ने फिंगर प्रिंट मैच न होने के चलते सैनिक के आश्रितों कोे राशन देने से मना कर दिया। राशन न मिलने से उक्त सैनिक के बेटे व पिता को खाली हाथ मायूस होकर लौटना पड़ा। क्षेत्र के एक गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने पौते का साथ लेकर सरकारी मूल्य की दुकान पर राशन लेने पहंुचा। इसका बेटा सेना में है और ड्यूटी पर होने के चलते घर से बाहर है। फौजी युवक का पिता पौते को लेकर राशन लेने गया। जहां इसके पौते की फिंगर मैच नहीं हुई और डिपो संचालक ने इन्हें बिना राशन दिए ही वापस भेज दिया। इस पर बच्चे के दादा ने राशन डिपो धारक  को  सरकार  के आदेशों का हवाला देते हुए राशन देने को कहा तो भी डिपोधारक ने उनकी एक न मानी। उल्टा कहा कि सरकार के ही निर्देश हैं कि अगर बच्चे का अंगूठा मैच नहीं करता तो उन्हें राशन कार्ड पर राशन नहीं दिया जाएगा। फौजी युवक के पिता ने डिपोधारक पर यह भी आरोप लागया कि उन्होंने जब इसकी शिकायत करने के लिए उनसे शिकायत बुक मांगी तो उन्होंने बिना पेजिंग की कॉपी उन्हें दे दी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि डिपो धारकों को नियमों से अवगत करवाएं और लोगों को विशेषकर जो देश सेवा कर रहे हंै उनके परिजनों को राशन देने का नाम पर परेशान न किया जाए। उधर, उक्त डिपोधारक ने बताया कि उक्त युवक का अंगूठा मैच नहीं हुआ इस वजह से राशन नहीं दिया और ऐसे ही सरकार के आदेश उन्हें मिले हैं और न ही वे भविष्य में दे सकते हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधिकारी राजिंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के आदेश हैं कि डिपो धारक किसी को राशन देने से मना नहीं कर सकते और बच्चे के फिंगर प्रिंट अगर मैच नहीं करते तो उनके राशन कार्ड को स्कैन कर उन्हें राशन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक राशन न देने की लिखित शिकायत उन्हें नहीं मिली है और कोई डिपोधारक नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ  कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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