फ्रैंकफर्ट में हिमाचल का रोड शो

प्रदेश में विदेशी निवेशक लाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताईं सरकार की नीतियां

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में निवेशकों को संबोधित करते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

शिमला – हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, सेवा क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा और बिजली जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। हिमाचल सरकार उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय वाणिज्य दूतावास तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित ‘रोड शो’ में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रमुख संस्थानों की उपस्थिति से राज्य में प्रतिभा और शैक्षणिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। राज्य विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से राज्य उद्योगों के लिए कुशल श्रमशक्ति की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है। राज्य का ‘इज ऑफ डूइंग रिफॉर्मज’ तथा ‘एकल खिड़की अधिनियमों’ में तेजी से विकसित होने वाले राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर होना प्रदेश में निवेशकों को सेवाएं प्रदान करने में कुशलता, पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि राज्य पर्यटन के क्षेत्र में निवेशकों को पर्यटन, वन्य जीवन, पर्यावरण, पर्यटन, आध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्कीइंग आदि जैसे अनेक प्रकार के विकल्प प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतत पर्यटन को अग्रणी वैश्विक सततः पर्यटन गंतव्य के तौर पर स्थापित कर प्रदेश की प्रगति में प्रमुख साधन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश में 300 फार्मा कंपनियां तथा 700 से अधिक फार्मा फोर्मन्यूलेशन निर्माण इकाइयां क्रियाशील हैं और प्रदेश एशिया के ‘फॉर्मास्यूटिकल हब’ के तौर पर जाना जाता है।  इसके अतिरिक्त राज्य सेब, पल्म, आडू, किवी, अखरोट और नाशपाति जैसे फलों का प्रमुख उत्पादक है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं।

इन्वेस्टर मीट में इन पर रहेगा ध्यान

राज्य सरकार द्वारा धर्मशाला में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेसटर मीट-2019 में भाग लेने के लिए संभावित उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेसटर्ज मीट पर्यटन, आयुष एवं वेलनेस, उत्पादन, फार्मास्यूटिकल, रियल ईस्टेट, जल विद्युत, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रगतिशील क्षेत्रों की वृहद शृांखला पर ध्यान केंद्रित करेगी।

जर्मन कंपनियों को योजना बनाने में महारत

शिमला— इन्वेस्टर मीट के लिए विदेश पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने जर्मनी में रोड शो का आयोजन ‘मेड इन जर्मनी’ ट्रेडमार्क की गुणवत्ता से प्रभावित होकर किया है। ट्रेडमार्क यह गुणवत्ता विश्व विख्यात है तथा हिमाचल सरकार इसका अनुसरण राज्य में करना चाहती है। जर्मनी की कंपनियां योजना बनाने में विशेषज्ञ हैं। राज्य में भी इस विशेषज्ञता को लागू करने के लिए हिमाचल जर्मनी की कम्पनियों का सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि अभी तक देश में 1600 से अधिक इंडो-जर्मन सहकार्य और 600 से अधिक संयुक्त उद्यम क्रियाशील हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि राज्य में पर्यटन, आयुष, फार्मास्यूटिकल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग, रियल ईस्टेट और ऑटोमोबाइल जैसे मुख्य क्षेत्रों में निवेश किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में जर्मनी की कंपनियां क्रियाशील हैं। इससे पूर्व हिमाचल के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन-भारतीय राउंड टेबल के अध्यक्ष तथा सदस्यों के साथ बैठक की और हिमाचल प्रदेश में निवेश की सम्भावनाओं पर चर्चा की।

जर्मनी के उद्योगपतियों को धर्मशाला आने का न्योता

उद्योग मंत्री ने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में भाग लेने के साथ निवेश करने की दी दावत

शिमला – उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने फ्रैंकफर्ट में रोड शो के लिए प्रतिनिधिमंडल का अभिवादन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों के साथ प्रदेश की विशेषताओं, सावधानीपूर्वक तैयार की गई नीतियों, अनुकूल अवसरों तथा प्रदेश द्वारा निवेश को बढ़ावा व आकर्षित करने की तैयारी साझा की। प्रदेश में उत्पादन अर्थव्यवस्था स्थापित करने के लिए एक प्रशंसनीय कदम उठाया है, जिसके तहत यूनिलीवर इंडिया, पी एंड जी, डाबर, नेस्ले, क्रीमिका, कॉलगेट, फिलिप्स, गोदरेज, हैवल्स, एबट तथा रिलायंस जैसी 50 हजार से अधिक उत्पादन इकाइयां प्रदेश में क्रियाशील हैं। उन्होंने जर्मन निवेशकों का स्वागत किया तथा उन्हें धर्मशाला में पहली बार आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में भाग लेने तथा हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदान किए जा रहे व्यापक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का निमंत्रण दिया। महावाणिज्य दूतावास प्रतिभा पारकर ने फ्रैंकफर्ट में होने वाले रोड शो के लिए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा, प्रधान सचिव उद्योग अबीद हुसैन सादिक, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह, इंडिया ट्रैवल्स के जॉर्ज जॉन, टीवीजी के उपाध्यक्ष मोहन जोनालगढ़ा, एमईएफटी के प्रतिनिधि डेविड गोवर, मेट्रो एजी से मार्क एलेग्जेंडर, नेस्ले से वर्गिस मैथ्यू, बलोकर एंड पार्टनर की एंजेला क्रीयूटज तथा फेडरल गणराज्य जर्मनी के व्यापार समुदाय के प्रतिनिधि व 80 से अधिक उद्यमी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

बाल्दी ने बताईं सहूलियतें

अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी ने प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में साहसिक गतिविधियों, ट्रैकिंग एवं कैम्पिंग, वन्य-जीवन, अनछुए शीत रेगिस्तान, इतिहास, वास्तुशिल्प तथा अध्यात्म पर्यटन में विद्यमान अवसरों की जानकारी दी।

हिमाचल आदर्श गंतव्य

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में क्यों भारत का उज्ज्वल स्थान है तथा हिमाचल प्रदेश किस प्रकार निवेशकों के लिए एक आर्दश गंतव्य है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अठा केंद्रित क्षेत्रों पर संक्षिप्त में जानकारी दी।

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