फ्लोर एरिया बढ़ा सकेंगे उद्योग

1.5 से दो मीटर किया दायरा, सालों से मांग उठा रहे उद्योपतियों के चेहरे खिले

शिमला —राज्य में उद्योगों के फ्लोर एरिया को सरकार ने बढ़ाने की इजाजत दे दी है। काफी समय से यहां पर उद्योगपति इसकी मांग कर रहे थे। बार-बार आग्रह के बाद अब इंडस्ट्रियल पालिसी में इसका प्रावधान रखा गया है, जिससे निवेशकों की पुरानी मांग पूरी हो  गई है। नए निवेश को लेकर जो पालिसी सरकार ने बनाई है, उससे उद्योगपति भी खुश हैं। क्योंकि यह पालिसी उनके सुझावों के अनुरूप बनाई गई है, लिहाजा उनको उम्मीद है कि यहां पर निवेश का आंकड़ा बढ़ेगा। बहरहाल, यहां पर पहले उद्योगों के लिए फ्लोर एरिया का अनुपात 1.5 मीटर का था, जिसे बढ़ाकर दो मीटर तक कर दिया गया है। नई उद्योग नीति बनाने से पहले सरकार ने उनसे सुझाव मांगे थे, जिनका यह एक अहम सुझाव था, जिसे सरकार ने पूरा कर दिया है। इसके आधार पर वर्तमान उद्योगपति भी अपने दावे कर सकते हैं।  फ्लोर एरिया रेशो के बढ़ने पर उद्योगपतियों ने खुशी जताई है, वहीं कई दूसरी नई रियायतों के लिए भी आभार जताया है। क्योंकि यहां पर स्थापित उद्योगपति नया निवेश भी करते हैं और समय-समय पर अपने उद्योगों के विस्तार को आवेदन करते हैं। इसलिए फ्लोर एरिया रेशो बढ़ने से उनको भी राहत मिल सकेगी। नया उद्योग लगाकर यहां पर निवेश बढ़ाने में अब उद्योगपतियों को अपने उद्योग परिसर की मंजिले बढ़ाने की दिक्कत नहीं रहेगी। इससे निवेशक को तय प्लॉट में बिल्ट अप एरिया बढ़ा हुआ मिलेगा। एफएआर के आधार पर ही निवेशक बहुमंजिला भवन का निर्माण कर सकेगा।

निवेश बढ़ाने के लिए रियायतें बेहद जरूरी

प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए कम जगह को देखते हुए निवेशक सरकार से कई बार एफएआर बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, ताकि वह मंजिल बढ़ा कर अपने नुकसान को पूरा कर सकें। टीसीपी से चर्चा के बाद सरकार ने उद्योग लगाने के लिए एफएआर को बढ़ाया है। क्योंकि सरकार यहां पर नया और अधिक निवेश चाहती है, इसलिए उसे ऐसी रियायतें देना जरूरी था। इसके लिए सरकार ने बहुमंजिला भवन निर्माण के बाद निवेशकों को स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट देना अनिवार्य कर दिया है।

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