बंजार में फैला रैबीज, पागल होने लगे पशु

पशु औषधालय विभाग की लापरवाही कुत्तों ने नोची संक्रमित गाय, खौफ के साए में लोग

कुल्लू  -बंजार उपमंडल मुख्यालय एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रैबीज से अब पशु पागल होने लगे हैं और पशु चिकित्सालय की लापरवाही से पशुओं को भी रैबीज की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। यहां अभी आवारा कुत्तों के पागल होने की घटनाओं में कमी तो आई है, परंतु यह अभी भी पूरी तरह से बंद नहीं हुई है। गत मंगलवार को पशु औषध्यालय के सामने नो पार्किंग जोन में एक पागल कुत्ते द्वारा काटी गई गाय भी पागल हो गई, जिसके आतंक से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस गाय को पकड़कर पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों को सौंपा। पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों द्वारा इस गाय को इंजेक्शन देने के पश्चात नगर पंचायत कर्मियों द्वारा गाय को पशु औषधालय के परिसर में छोड़ कर विभाग के सुपुर्द किया गया था, जहां पर विभाग ने गाय को खुले में बांध रखा था। बुधवार सुबह इस पागल गाय को पांच छह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने नोच डाला व गाय मृत अवस्था में पड़ी रही। गौरतलब है कि बंजार नगर में पहले ही आवारा पागल कुत्तों के खौफ से नगरवासी सहमे हुए हैं, वहीं इन पांच-छह कुत्तों द्वारा पहले से पागल व रैबीज से संक्रमित गाय को काटने के कारण कुत्तों के झुंड के भी पागल होने का खतरा बढ गया है। स्थानीय लोगों राजू, नरोत्तम, रमेश व श्याम लाल आदि के अनुसार अगर पहले ही पागल गाय को कुत्तों के झुंड ने नोचा है तो इसे नोचने वाले वे कुत्ते भी पागल हो जाएंगे, जिससे बंजार नगर में रहने वाले लोगों की जान को खतरा बढ़ सकता है, वहीं रोजाना छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं। उनकी सुरक्षा का दायित्व कौन उठाएगा। उक्त लोगों का कहना है रैबीज का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी, अनुपमा ने बताया कि नगर पंचायत के लोग इस पागल गाय को शाम छह बजे लाए थे। हमारे पास पशुओं को रखने की जगह नहीं है। यदि पशुओं को इलाज के लिए लाना है तो समय पर लाएं। वहीं, नगर पंचायत बंजार के अध्यक्ष कुंजलाल राणा ने बताया कि इस गाय को पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों के ही कहने पर जेसीबी से चार बजे पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया था। पशुओं का उपचार करने के बजाय इसे लावारिस छोड़ा गया, जिससे इसकी मौत हो गई।

You might also like