बंद होने की कगार पर पौहंज स्कूल

सुजानपुर – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने हिमाचल प्रदेश में शिक्षा नीति व उसके गिरते हुए स्तर पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि हमीरपुर जिला के बमसन खंड की पौहंज पंचायत के अंतर्गत भारत वर्ष और हिमाचल के सबसे पुराने विद्यालय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौहंज में सरकारों द्वारा विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को पूरा न करने के कारण विद्यार्थियों की संख्या एक चौथाई रह गई है। डोगरा ने बताया की यह वही विद्यालय है जिसे वर्ष 1949 में संगारा राम ग्राम बनालग निवासी के प्रयास से प्राकृतिक सौंदर्य के बीच पौहंज खड्ड में स्थापित किया गया था, जिसे वर्ष 1991 में उच्च माध्यमिक व 2003 में वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिया गया था, क्योंकि इस विद्यालय से विधायक कर्म सिंह, आईएएस कृपाल चंद, कर्नल अमर सिंह, विधी चंद, जैसी राम, मेजर कर्म चंद, स्क्वाड्रन लीडर भूप सिंह, एचएएस विनोद डोगरा, उपनिदेशक टीसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता एटॉमिक एनर्जी मोहन लाल डोगरा, प्रिंसीपल तुलसी राम डोगरा, डा. सुरेंद्र डोगरा, हैडमास्टर धनी राम व विधि चंद जैसे हमीरपुर जिले का नाम रोशन करने वाले लोगों ने शिक्षा प्राप्त की थी। डोगरा ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। वहां बच्चों और प्रिंसीपल उर्मिला सागर से बातचीत में डोगरा को पता लगा के बच्चों को विद्यालय तक के लिए पक्का सड़क मार्ग होने पर भी कोई बस सुविधा नहीं है। बड़ी कक्षा के बच्चों से पता चला कि साइंस लैब नहीं है, जबकि डोगरा ने जानकारी ली, तो पता चला के साइंस लैब की स्वीकृति दो 2012 में मिल गई थी और पैसा 2014 में आ चुका है, परंतु जगह होने के बावजूद भी अभी तक लैब नहीं बनी, जिस कारण दसवीं, ग्याहरवीं और बाहरवीं कक्षा के छात्र विगत पांच-छह सालों से पलायन कर चुके हैं। डोगरा ने सरकार,  विभाग और जिला प्रशासन से पौहंज के ऐतिहासिक विद्यालय को जिंदा रखने का हर संभव प्रयास की अपील की है, ताकि हम क्षेत्र के लोगों को भी उनके बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए कह सकंे। यदि प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले एक-दो वर्षों में स्वर्णिम युग का ऐतिहासिक पौहंज विद्यालय बंद हो जाएगा।

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