बड़ा देव कमरूनाग में पाकिस्तान का सिग्नल

मंडी के रोहांडा से जाते समय रास्ते में आ रही तरंगें, कंपनी का नाम है जोंग

बड़ा देव कमरूनाग में पाकिस्तान का सिग्नल—मंडी जिला में पाकिस्तान की सेल्युलर कंपनी के सिग्नल मिल रहे हैं। यह सिग्नल मंडी जिला के बड़ा देव कमरूनाग को जाने वाले रास्ते पर जंगलों के बीच आ रहे हैं। बड़ा देव कमरूनाग को जाने के करीब चार से पांच रास्ते हैं। इन्हीं में से एक रास्ता रोहांडा से होकर जाता है। करीब पांच से सात किलोमीटर की पैदल चढ़ाई के दौरान जब जंगलों के बीच पहुंचते हैं तो पाकिस्तानी सेल्युलर कंपनी का सिग्नल फोन ट्रेस करने लगता है। रास्ते में जिस पाकिस्तानी सेल्यूलर कंपनी का सिग्नल ट्रेस हो रहा है, वह कंपनी है जोंग। अब यह बात इसलिए भी सकते में डालनी वाली है, क्योंकि जोंग में चीन के सरकारी चाइना मोबाइल कारपोरेशन ने इनवेस्ट किया है। ऐसे में खुफिया लिहाज यह बात एजेंसियों के लिए बड़ी है। जिस जोंग कंपनी का सिग्नल ट्रेस हो रहा वह थ्री जी सिगलन है। इसके अलावा उक्त स्थान पर आईडिया 4जी, आईडिया 3जी, सेलवन 2जी, टेलेनोर 3जी, सेलवन 3जी, आईडिया 3जी का सिग्नल मिल रहा है। यह बात जगजाहिर है कि चीन पाकिस्तान में लगातार इनवेस्ट कर रहा है, लेकिन चीन की इनवेस्टमेंट से चलने वाली पाकिस्तानी सेल्युलर कंपनी का सिग्नल मंडी जिला के कमरूनाग रास्ते पर कैसे पहुंच गया। हालांकि तकनीकि रूप से इसका खुलासा तो खुफिया और टेलिकोम इन्फ्रास्ट्रक्चर ही कर सकता है।

मकलोडगंज में भी मिल चुका है सिग्नल

करीब चार साल पहले मकलोडगंज से आगे भी पाकिस्तानी सेल्युलर कंपनी के सिग्नल मिले थे। मकलोडगंज से करीब दो कीलोमीटर दूर गलू टैंपल से ट्रेस होने शुरू हो जाते थे। यह घटना नवंबर, 2015 की है।

गुब्बारे भी मिले थे

रोहांडा से कमरूनाग जाते हुए सिगलन मिलने की कड़ी यहां से भी जोड़ी जा सकती है कि उक्त क्षेत्र के गोहर व चैलचौक के आसपास कई मर्तबा पाकिस्तानी गुब्बारे मिलने की खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। हालांकिक दोनों कडि़यों में क्या समानता यह तो खुफिया एजेंसियां ही बता सकती हैं।

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