बरसात में आपदा से बचाएंगे विशेष बचाव दस्ते

मानसून सिर पर; डीसी ने जांचा आपदा प्रबंधन, विभागों को पहले से तैयारी करने के निर्देश

मंडी -मानसून की आमद के मद्देनजर मंडी जिला प्रशासन तैयार हो गया है। बरसात के दौरान होने वाले हादसों को रोकने और बचाव व राहत कार्यों को तेजी करने के लिए मंडी प्रशासन ने कमर कस ली है। बरसात के दौरान पहले से संभावित हादसों वाली जगहों पर प्रशासन ने इस बार विशेष बचाव दस्ते लगाने का भी निर्णय लिया है। ऋ ग्वेद ठाकुर ने कहा कि औट, सुंदरनगर और पद्धर में तीन विशेष बचाव दस्ते तैनात रहेंगे। ये दस्ते आपदा की स्थिति में इन क्षेत्रों में तुरंत बचाव-राहत कार्यों में लगेंगे। इसके अलावा अन्य दिनों में आपदा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक व शिक्षित करने का काम करेंगे। मंगलवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने इस बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मानसून की आमद को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मुस्तैद रहें। जान-माल की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी और प्रबंध करें। ऋ ग्वेद ठाकुर ने बैठक में मानसून को लेकर आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारी आपसी समन्वय से काम करते हुए चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाएं। बरसात के दौरान सड़कों को सुचारू रखने, भू-स्खलन की स्थिति में रास्तों एवं सड़कों से मलबा हटाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। ऋग्वेद ठाकुर ने सभी उपमंडलाधिकारियों को अपने कार्यालयों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने एवं उन्हें क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर पर अग्रिम चेतावनी एवं सूचना प्रसार प्रणाली सुचारू बनाएं। अधिकारी मानसून के दौरान संबंधित क्षेत्र की नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन सौंपें। उन्होंने पर्यटकों सहित सभी लोगों को नदियों में उतरने एवं नहाने से रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा। निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपदा प्रबंधन के लिए नोडल एवं संपर्क अधिकारी बनाएं। उन्होंने सभी उपमडलाधिकरियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों की विस्तृत सूची रखने और जरूरी वस्तुओं एवं राहत बचाव कार्यों में उपयोग आने वाले यंत्र व उपकरणों को लेकर पुलिस, होमगार्ड और बचाव दस्ते को मिलकर पूरी व्यवस्था करने को कहा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम व अन्य विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

आपदा की स्थिति में तुरंत 1077 पर करें फोन

उपायुक्त ने कहा कि मानसून की गतिविधियों की नियमित जानकारी सहित अन्य किसी आपदा में जान-माल की सुरक्षा के उचित प्रबंधन के लिए उपायुक्त कार्यालय में स्थायी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। चौबीसों क्रियाशील रहने वाले इस नियंत्रण कक्ष का टोल फ्र ी फ ोन नंबर 1077 है। उन्होंने लोगों से अपील की किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 1077 पर फ ोन कर सूचित करें। कहा कि इसे अलावा जिला मुख्यालय पर स्थापित जिला आपात नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01905-226201, 226202, 226203 और 226204 पर फोन कर भी आपदा को लेकर फ ोन कर सकते हैं।

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