बहुत याद आया कुर्बानी का दिन

 मंडी, सुंदरनगर—सिख पंथ के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव जी महाराज का बलिदान दिवस मंडी व सुंदरनगर में बड़े श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान मंडी शहर के चौहाटा बाजार के अलावा अन्य क्षेत्रों में मीठे पानी की छबीलों के अलावा प्रसाद बांटा गया। वहीं, शब्द व कीर्तन के साथ संगत को निहाल किया गया। इसके अलावा सुंदरनगर के भोजपुर स्थित गुरुद्वारा श्री कलगीधर सिंह सभा में पिछले 21 दिनों से लगातार रोजाना पाठ के साथ लंगर का आयोजन किया गया। बलिदान दिवस पर शुक्रवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ, सकीर्तन व अरदास की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही। संगत को बाबा रणजीत सिंह ने गुरु अर्जुन देव के जीवन बारे बताया मुगल बादशाह अकबर के देहांत के बाद दिल्ली की गद्दी पर बैठा बादशाह जहांगीर कट्टरपंथी था। अपने धर्म के अलावा उसे और कोई धर्म पसंद नहीं था। उन्होंने बताया संपादन कला के गुणी गुरु अर्जुन देव जी ने ही 1604 में गुरु ग्रंथ साहिब का संपादन भाई गुरुदास की सहायता से किया। अमृतसर में रामदास सरोवर के बीच हरमंदिर साहिब का निर्माण भी गुरु अर्जुन देव ने करवाया। हरमंदिर साहिब में चार दरवाजे बनवाए, जो इस बात का प्रतिक हैं कि हरमंदिर साहिब हर धर्म और जातिवालों के लिए खुला है। उन्होंने सभी से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस मौके पर गुरु का अटटू लंगर व ठंडे पानी की छबील भी लगाई गई।

You might also like