बाकी का कोर्स अब हैदराबाद में

शिमला  —ग्रामीण कौशल योजना के तहत छात्रों को करवाए गए कोर्स को करने के लिए अब छात्रों को हैदराबाद या बंगलूर शिफ्ट किया जाएगा। बीच कोर्स में ही अपोलो द्वारा करवाए जा रहे क ोर्स के लिए घणाहट्टी संस्थान बंद किया जा रहा है। विकास योजना में गड़बड़ी मामले में अपोलो मेडिस्किलस लिमिटेड कंपनी के साथ पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें कंपनी जीएम ने कोर्स को करवाने की हामी तो भरी, लेकिन घणाहट्टी में आगामी कक्षाएं लगाने के लिए इनकार कर दिया। इसमें संस्थान ने सरकार के समक्ष यह हामी भरी है कि वह छात्रों का कोर्स पूरा करवाएगा। इसके अलावा उन्हें प्लेसमेंट भी दी जाएगी, लेकिन छात्रों को शिफ्ट होना होगा। गौर हो कि कंपनी के जीएम  शिमला तलब करने के बाद पंचायती राज विभाग की बैठक कंपनी के अधिकारियों के साथ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ को लेकर हुई। इसमें कोर्स जल्द पूरा करने के बारे में कहा गया। हालांकि इस केस में एक और खुलासा भी सामने आया है कि संबंधित कंपनी ने लास्ट बैच बिन मान्यता के ही बिठा दिया था। हालांकि इसको लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन बाद में कोर्स पूरा करवाने को लेकर कंपनी ने सरकार को पहले से बैठा दिए गए बैच को मान्यता देने का आग्रह किया व सरकार ने मान्यता दे दी। फिलहाल अब आंतरिक दिक्कतों का हवाला देकर कंपनी घणाहट्टी में बैठे बैच को हैदराबाद या फिर बंगलूर शिफ्ट कर रही है।

दूर नहीं जाना चाहते स्टूडेंट

कंपनी की सरकार को पेश की गई इस सिफारिश को लेकर छात्रों में रोष है। छात्र शिवा, भूपेंद्र और नेहा आदि का कहना है कि जब इस कोर्स के लिए आमंत्रित किया गया तो प्रदेश में ही रहने को कहा गया था। अब बीच कोर्स में कंपनी शिफ्ट होने की बात कह रही है। हालांकि कुछ छात्र हैदराबाद जाने के लिए तैयार गए हैं, लेकिन अधिकतर इतनी दूर नहीं जाना चाहते।

You might also like