बारहखड़ी स्कूल में चला नाट्योत्सव का दौर

कुल्लूः एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू में जीरो बजट थियेटर की अवधारणा को प्रचलित करने के लिए कुल्लू की अन्य नाट्य संस्थाओं के साथ मिलकर अलग-अलग गांवों में बाल नाट्योत्सवों का आयोजन किया जा रहा है। जहां नाट्योत्सव आयोजित होना है वहां के महिला मंडलों, युवक मंडलों और विद्यालयों से आयोजन के लिए दरी, कुर्सियों और आयोजन स्थल के लिए मदद मांगी जाती है। ग्रास रूट तक यह अवधारणा फैले इसलिए बच्चों के रंगमंच से आरंंभ किया है। ऐसा थियेटर जो बच्चों को अपने आसपास की बुराइयों जैसे नशा, बिगड़ता पर्यावरण, प्रदूषण आदि को समझकर दूर रखने में सहायक सिद्ध हो। इसी कड़ी में कुल्लू के मौहल गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में बारहखड़ी कलामंच के संयुक्त तत्त्वावधान में ‘बारहखड़ी बाल नाट्योत्सव’ का आयोजन किया गया। इसमें आठ नाटकों हिरण्यकश्यप मर्डर केस, जंगल में जनतंत्र, यमराज का निमंत्रण, सेर को सवा सेर, ढाक के तीन पात, भगत की गत, ठग-ठगे गए और वीआईपी आदि नाटक क्रमशः रेनबो गदाह, बहिरंग भुट्ठी, एकाग्र कलामंच, लोअर ढालपुर, एक्टिव मोनाल कुल्लू, लिबरल थियेटर शीशामाटी, नाट्यश्रेष्ठ जमोट, रंगभूमि लंकाबेकर तथा बारहखड़ी कलामंच के बाल कलाकारों ने प्रस्तुत किए। बाल नाट्योत्सवों कड़ी में यह छठा नाट्योत्सव था। इससे पहले कलाकेंद्र कुल्लू, जमोट गांव, बदाह गांव, पिरड़ी गांव तथा कुल्लू के लंकाबेकर में ये नाट्योत्सव आयोजित किए गए हैं। इसके बाद अखाड़ा बाजार व सुल्तानपुर में 30 जून व सात जुलाई को आयोजित किए जाएंगे।

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