बिजली दरें बढ़ाने के विरोध में आप का बिजली आंदोलन का ऐलान

 

बिजली दरें बढ़ाने के विरोध में आप का बिजली आंदोलन का ऐलान

पंजाब में बिजली बिलों के जरिये की जा रही लूट के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) फिर से राज्य स्तरीय बिजली आंदोलन-2 शुरु करेगी। पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा और यूथ विंग के प्रभारी एवं विधायक मीत हेयर ने आज यहां बताया कि सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिन्दर सरकार बिजली दरों में कई बार वृद्धि कर चुकी है। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही बिजली दरों में फिर वृद्धि कर दी । पंजाब के लोगों ने कांग्रेस को आठ सीटे जितायीं जिसका तोहफा कैप्टन सरकार ने उन्हें दिया है।पंजाब पूरे देश की अपेक्षा महंगी बिजली अपने खपतकारों को दे रहा है, वहीं केजरीवाल सरकार दिल्ली में सबसे सस्ती बिजली दे रही है।श्री अरोड़ा ने बताया कि इस पूरे गोरखधंधे के बारे में दिल्ली के मुख्यमंंत्री अरविंद केजरीवाल से पार्टी विधायकों ने दिल्ली में कल मुलाकात की जिसमें श्री केजरीवाल ने बताया कि 2015 में उनकी सरकार बनने से पहले दिल्ली में भी बिजली बिलों के नाम पर बिजली खपतकारों की वैसे ही लूट जारी थी, जैसे अब पंजाब में चल रही है। कैप्टन सरकार ने अपने करीब ढाई साल के कार्यकाल दौरान जहां बिजली के पांच बार रेट बढ़ाए हैं, वहीं दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने बिजली दरें बढ़ाने की बजाए घटाईं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बादल सरकार की तरह कैप्टन सरकार भी निजी बिजली कंपनियों के साथ मिल चुकी है।श्री अरोड़ा ने ताजा रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि कैप्टन सरकार पंजाब राज बिजली रेगुलेटरी कमीशन की तरफ से निर्धारित किए जाने वाले प्रति यूनिट भाव की अपेक्षा करीब 20 प्रतिशत ज़्यादा रेट सभी घरेलू और व्यापारिक-औद्योगिक बिजली खपतकारों से वसूल रही है। अलग-अलग टैकसों और सैस के नाम पर सालाना 3500 करोड़ रुपए की इस राशि को बिजली सबसिडी की पूर्ति के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा है। अर्थात बिजली खपतकारों की ही जेब से पैसा निकाल कर उन पर ही खर्च किया जा रहा है और सबसिडी देने की वाह-वाही लूटी जा रही है।उन्होंने कहा कि पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर पहले मुख्यमंत्री से मिलेगी और यदि सरकार ने सकारात्मक स्वीकृति न दी तो ‘बिजली आंदोलन -2’ के रूप में राज्य स्तरीय संघर्ष शुरु करेगी ।

 

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