बिजली निगम को 55 लाख की चपत

हरियाणा के बिजली वितरण निगम के ऑपरेशन-विजिलेंस विंग से मारी गई छापेमारी में खुलासा, आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी

चंडीगढ़ – बिजली के अवैध प्रयोग और बिजली चोरी को रोकने के लिए हरियाणा के बिजली निगम उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के आप्रेशन व विजिलेंस विंग द्वारा छह जून को लगभग 3000 सरकारी आवासीय परिसरों व 200 से अधिक निजी परिसरों में छापेमारी की गई, जहां 55 लाख रुपए से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई तथा 98 मीटरों को संशय के आधार पर पैक भी किया गया है। विभाग द्वारा दोषी उपभोक्ताओं के खिलाफ  बिजली अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जुर्माना न जमा करवाने वाले दोषियों पर एफआईआर दर्ज करवाया जाएगा व उन्हें गिरफ्तार भी किया जाएगा। विभाग द्वारा बिजली चोरी में सम्मिलित सरकारी कर्मचारियों पर जुर्माने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग को भी सूचित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर हरियाणा के सर्किल अंबाला में सात सरकारी कर्मचारियों पर 2.56 लाख रुपए व 14 निजी उपभोक्ताओं पर 6.17 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया, जबकि सर्किल यमुनानगर में 10 कर्मचारियों पर 3.02 लाख रुपए, पानीपत में दो कर्मचारियों पर 55 हजार व 21 निजी उपभोक्ताओं पर 4.75 लाख रुपए, सोनीपत में 21 निजी उपभोक्ताओं पर 5.73 लाख रुपए, रोहतक में दो कर्मचारियों पर 1.75 लाख रुपए व 23 निजी उपभोक्ताओं पर 4.74 लाख रुपए, कुरुक्षेत्र में तीन कर्मचारियों पर 27 हजार रुपए, कैथल में एक कर्मचारी पर 12 हजार रुपए व चार निजी उपभोक्ताओं पर 69 हजार रुपए और झज्जर सर्किल में दो कर्मचारियों पर 85 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार दक्षिण हरियाणा क्षेत्र में 70 सरकारी कर्मचारियों पर लगभग 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने आगे बताया कि बिजली चोरी करने वाले अधिक्तर उपभोक्ता बिजली का दुरुपयोग करते हैं, जिससे कि लोड़ में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण फ्यूज उड़ना व ट्रांसफार्मर खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भरना पड़ता है। बिजली चोरी पर नकेल कसने से न केवल विभाग को लाईन लॉस कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि निगम के ईमानदार उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से अच्छी गुणवत्ता के साथ बिजली उपलब्ध होगी। प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील है कि अपने आस-पास होने वाली बिजली चोरी की जानकारी निगम को दें तथा इसके एवज में पुरस्कार पाएं। बिजली निगमों के सभी उपमंडल कार्यालयों की ओर से जारी किए गए नंबरों पर फोन या वॉट्सऐप के द्वारा बिजली चोरी के बारे में जानकारी दी जा सकती है, इसके अतिरिक्त सभी एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता), एसई (अधीक्षक अभियंता), चीफ  इंजीनीयर अथवा मुख्यालय पर तैनात सीनियर अधिकारियों से वॉट्सऐप द्वारा संपर्क करके भी बिजली चोरी के बारे में जानकारी दी जा सकती है। जिस पर अधिकारियों की ओर से तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग द्वारा जारी किए टॉल फ्री नंबर 18001801011 पर कार्य दिवस में सुबह नौ से शाम को नौ बजे तक संपर्क किया जा सकता है। बिजली चोरी के संबंध में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान को गुप्त रखा जाएगा ।

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