बिजली बोर्ड की गाडि़यां बेलगाम

नादौन—हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग और राज्य सरकार से बिजली बोर्ड की गाडि़यों में जीपीएस सिस्टम लगवाने की मांग की है ताकि कुछ अधिकारियों द्वारा किए जा रहे बिजली बोर्ड की गाडि़यों के दुरुपयोग पर रोक लग सके। नादौन में पत्रकारों से बात करते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड के अधिकतर अधिकारी बोर्ड की गाडि़यों को अपने घरेलू कार्यों, अपने बीबी व बच्चांे को घुमाने और प्रदेश के अंदर व बाहर पढ़ रहे बच्चों को लाने व छोड़ने के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी तो 50-100 किलोमीटर का सफर तय करके बोर्ड की गाडि़यों द्वारा ही घर से कार्यालय के लिए आना-जाना करते हैं। परंतु इसके विपरीत बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अपने निजी वाहनों का प्रयोग करना पड़ता है। ज्यादा जरूरत पड़ने पर भी बोर्ड की गाड़ी उपलब्ध नहीं होती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जिला ऊना के अंब-नेहरियां के बीच खेरला कुठेड़ा स्थान पर एक बड़ा हादसा पेश आया जिसमें वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता कांगड़ा की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। इसमें बिजली बोर्ड के वरिष्ठ सहायक मौके पर ही मौत का शिकार हो गए और वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता कांगड़ा का 17 वर्षीय बेटा होशियारपुर के एक निजी अस्पताल में खत्म हो गया, जबकि गाड़ी का चालक गंभीर रूप से घायल अवस्था में टांडा मेडिकल कालेज में उपचाराधीन है। यूनियन ने इस खतरनाक हादसे पर शोकाग्रस्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है और बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से इस बात का पता लगाए जाने की मांग की है कि आखिर यह गाड़ी वहां किस मकसद से गई थी क्योंकि उस गाड़ी में वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन जो वरिष्ठ सहायक धु्रव पठानिया इस खतरनाक हादसे का शिकार हुए  क्या उन्हें विभाग की ओर से किसी  टूर पर भेजा गया था अगर ऐसा है  तो विभाग की तरफ  से मामले की पूरी जांच की जाए और मृतक कर्मचारी के आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को विभाग में नौकरी दी जाए।

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