बिजली वितरण के निजीकरण से नाराज

चंडीगढ़ – बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने नीति आयोग के ‘स्ट्रेटेजी पेपर’ में बिजली वितरण के निजीकरण और शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर रोष व्यक्त करते हुए  कहा कि बिजली सेक्टर में किसी भी प्रकार से निजीकरण करने की कोशिश की गई, तो इसका प्रबल विरोध होगा। ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने जारी बयान में बताया कि नीति आयोग के जारी स्ट्रेटेजी पेपर में उन्हीं बातों का उल्लेख है, जो इलेक्ट्रिसिटी बिल 2014 और 2018 में सम्मिलित थीं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी बिल 2014 और 2018 पिछली लोकसभा में पारित न हो पाने के कारण लैप्स हो गए और नई लोकसभा में पुनः इस बिल को रखने के पहले कर्मचारियों से वार्ता होनी चाहिए।

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