बिलासपुर में ‘नहीं थमेगा सुलगते दिल का धुआं’

बिलासपुर—अखिल भारतीय साहित्यिक परिषद व कहलूर सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त तत्त्वावधान में रविवार को प्रेस क्लब बिलासपुर में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में डा. अनिता शर्मा ने मुख्यातिथि व कमांडेंट एसपी शर्मा अध्यक्ष तथा आनंद सोहर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रविंद्र भट्टा ने मंच संचालन किया। साहित्यकार कुलदीप चंदेल ने पहाड़ी भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए। चंदेल ने गंबरी पिस्तुवे री प्रेेम काहनी, लगदी सुनणै औले जो प्यारी, सुरेंद्र शर्मा ने आईजा ओ दिल्ली री गोरिए, दे भी जा हुसन पहाड़ा दा, आनंद सोहड़ ने ओ मेरी अम्मा तैं किती पाया लम्मां, जीत राम सुमन ने परिणाम चुनाव के आए कुछ ऐसे न तुफान न आंधी, डा. जय नारायण कश्यप ने सेई बीड़ां सेई बाड़ां, सेई जंगल, सेई डंगर, सेई रांझे पर गल बात सारी बदलोईगी, कर्ण चंदेल ने मैं भारत वंशी हूं मैं सुदामा हंू, तुम भारतधीश हो, डा. एआर सांख्यान ने नहीं थमेगा सुलगते दिल का यह धुंआ, चाहे डालो दस बाल्टियां या उंडेलो कुंआ, डा. सुरेंद्र शर्मा ने जो चाहा था तुमसे कभी, खुद से ही कहा, खुद को ही सुनाया, प्रतिभा शर्मा ने जंगल मत काटो लघु कथा सुनाकर कविता सुनाई.. पाहड़ी साढ़ी मां है, ईसा न बसारिए, पवन कुमार ने इस देश में हुए भगवान राम कृष्ण , रावण जैसे राक्षस हुए बलवान, बड़ी देर भई नंदलाला भजन, इंद्र ठाकुर ने बांसरी बजाकर सुनाया, तरुण टाडू ने प्यासी गौरेया कहे मुझे पानी पिला दो, सुरेंद्र गुप्ता ने  इकबाल का गायत्री अनुवाद सविते , विश्व प्राण तू ही है,  शिव पाल गर्ग ने बांकिए रेशमू, सुशील पंुडीर ने सफेद पोश हा हुई, अश्वनी सुहील ने पिता एक उम्मीद है, प्रदीप गुप्ता ने बेटा एक कपूत, डूबे सारा परिवार, हुसैन अली ने जब से मैंने डेरा डाला, दरवेशों ने मुहल्ले में, डा. प्रशांत आचार्य ने जब खड़ा अस्पताल की कतार, कटु बीमार था अपना मन, डा. नीरज कंवर ने वो  बेखबर था दोस्तों, बेखर नहीं था, मेरे इश्क का उसे पता नहीं था, एसआर आजाद ने कभी वो अपनी बांहों में सिमटने लगे हैं, डा. अनिता शर्मा ने यह तंद नहीं टूटती सुनाने, रविंद्र भट्टा ने घरे कदी सुण नी देंणी, बांटा लाणा झाडू कविता सुनाई व राम पाल डोगरा ने सतलुज नदी के तैराकों और पुराने शहर के कलाकारों बारे प्रकाश डाला। मुख्यातिथि डा. अनिता शर्मा ने अपने संबोधन मेें कहा कि प्रेस क्लब में साहित्यकारों द्वारा इस तरह की संगोष्ठी के आयोजन के लिए धन्यवाद किया।

You might also like