बिहार में कागजी साबित हो रहा पॉलिथीन पर प्रतिबंध

 

बिहार में कागजी साबित हो रहा पॉलिथीन पर प्रतिबंध

बिहार में पॉलिथीन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होने के बावजूद राजधानी पटना समेत आस-पास के क्षेत्रों एवं अन्य शहरों में इसका उपयोग धड़ल्ले से जारी है।बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2018 से प्लास्टिक के कैरी बैग बनाने, आयात करने, भंडारण, विक्रय एवं इसके प्रयोग पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। शुरुआती दिनों में राजधानी पटना और इससे लगे हाजीपुर एवं दानापुर समेत अन्य इलाकों में नगर परिषद और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने प्रतिबंध को लागू कराने के लिए छापेमारी की। कार्रवाई कर दुकानों से प्लास्टिक की थैलियों को जब्त कर नष्ट भी करवाया, लेकिन धीरे-धीरे इसके खिलाफ जारी अभियान की गति मंद होती गई, जो वर्तमान में शून्य पर पहुंच गई है। राजधानी पटना के अलावा हाजीपुर, दानापुर, भागलपुर एवं नवगछिया तथा अन्य शहरों के हरेक चाैक-चैराहों और सड़कों पर बिखरे पॉलिथीन को सहज देखा जा सकता है।राजधानी पटना से लगे हाजीपुर में एक नन वूवेन बैग का उत्पादन करने वाले एस. के. इंटरप्राइजेज के मालिक सचिन कुमार सिंह का कहना है कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध के शुरुआती दिनों में नन वूवेन बैग की मांग काफी बढ़ी थी, लेकिन इन दिनों मांग में काफी गिरावट हो गई है। एक बार फिर अधिकतर किराना, फल-सब्जी की दुकानों पर पॉलिथीन का प्रयोग खुलेआम हो रहा है।

 

You might also like