बीड़ बिलिंग में सैलानी… कर रहे पानी…पानी

बैजनाथ—पैराग्लाइडिंग के लिए विख्यात बीड़ बिलिंग घाटी आज-कल पर्यटकों से भरी पड़ी है। अंतरराष्टीय स्तर पर ख्याति प्राप्त बिलिंग में जहां पर न केवल भारत व अन्य देशों के पैराग्लाइडर टेंडम उड़ान भरने के शौकीन तथा घाटी की ठंडी हवाओं का लुत्फ उठाने के लिएहर रोज हजारों की संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। बिलिंग घाटी में हवा में कलाबाजियां करते व उड़ते रंग-बिरंगे मानव परिंदे सैलानियों का मन मोह लेते है। एक तरफ  जहां बीड़ बिलिंग, चौगान, घरनाला, गुनेहड़, चौंतड़ा, सूजा, भट्टू, संसाल व आसपास के क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रहे हैं।  दूसरी तरफ  सरकार व पर्यटन विभाग द्वारा इस घाटी को विकसित करने के सभी दावे हवा  हवाई हो रहे हैं। भले ही सरकार द्वारा इस क्षेत्र को साडा का क्षेत्र  घोषित किया गया है। मगर इस क्षेत्र की चार पंचायतों बीड़, गुनेहड़, चौगान व सूजा के ग्रामीणों को साडा का फायदा न के बराबर है। साडा क्षेत्र घोषित होने का यह हाल है कि लैंडिंग साइट क्योर में सरकार न तो लोगों की साथ लगती जमीनों का मुआवजा दे रही है न छोड़ रही है न किसान उस जमीन पर खेती कर पा रहे हैं । 

शौचालय को भटकी महिलाएं

पैराग्लाइडिंग के टेक ऑफ  साइट बिलिंग का यह हाल है कि पिछले दो सालों से वहां पर टायलट बनाने का काम कछुआ चाल से चल रहा है । सैकड़ों पर्यटक प्रतिदिन बिलिंग पहुंच रहे हैं। खास कर महिलाएं परेशानी से जूझ रही हैं कि टायलट जाएं तो जाएं कहां। यही नहीं, बिलिंग में पीने का पानी भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के चलते यहां आने वाले पायलट व पर्यटक अपने पानी का बंदोवस्त खुद करते हैं।

वर्ल्ड कप में भी पानी का संकट

अक्तूबर 2018 में यहां पर सेना ने एक्युरेसी वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था जिसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां पर पहुंचे थे । लेकिन सभी को पीने के पानी की समस्या से दो चार हो होना पड़ा था।   सारा इलाका स्पेशल एरिया डिवेलपमेंट अथारिटी के अधीन आता है। इस अथारिटी के अध्यक्ष एसडीएम है। बिना किसी भी परमिशन के इस क्षेत्र में कोई भी कार्य नहीं हो सकता है। इसी के चलते यहां की जनता परेशान हो रही है। 

विधायक  सुधीर शर्मा ने पहुंचाया था पानी

 दो नवंबर,2004 में उस समय के विधायक रहे सुधीर शर्मा ने यहां पीने के पानी का उद्घाटन किया था, जो कुछ साल तो चलता रहा लेकिन वे भी अब बंद पड़ा है। 2015 में भी राजगूंधा जो कि बिलिंग से आठ किलोमीटर दूर है। यहां से पानी की लाइन डाल कर बिलिंग में पानी पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़क के निर्माण कार्य के चलते ओर कुछ लोगो ने लाइनें ही तोड़ दी।

विधायक बोले, जल्द होगा समस्या का हल

विधायक मुलख राज प्रेमी ने बताया कि इस पर्यटक स्थल को ओर अधिक विकसित किया जाएगा, जल्द  ही पानी की समस्या  का हल हो जाएगा।

You might also like