बीबीएन टैंकर को-आपरेटिव सोसायटी के सदस्यों ने लगाया मानिसक प्रताड़ना का आरोप

बद्दी—औद्योगिक कस्बे बद्दी के तहत केंदूवाल स्थित सीईटीपी प्लांट में कैमिकल पानी की ढुलाई के लिए बनी बीबीएन टैंकर को-आपरेटिव सोसायटी के सदस्यों ने पदाधिकारियों पर भेदभाव के आरोप जड़े हैं। सदस्यों ने एसडीएम नालागढ़ को शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा को दी शिकायत में पीडि़त सदस्यों ने परस राम, जयपाल, पद्म नाम, जवाहर लाल, बलविंद्र सिंह व मुकेश कुमार ने बताया कि बीबीएन टैैंकर को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड में कुल 18 टैंकर हैं। पहले सोसायटी में 14 टैंकर थे, जिसमें चार टैंकर सीईटीपी प्लांट केंदूवाल के आदेशानुसार स्थानीय मलपुर पंचायत के डाले गए। सभी सदस्यों ने सोसायटी के नियमानुसार 51 हजार रुपए का सदस्यता चैक दिया और दो हजार रुपए प्रतिमाह सोसायटी के, नियमानुसार जमा करवा रहे हैं। शिकायत में सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 20 लाख रुपए खर्च करके सोसायटी के नियमानुसार गाडि़यां ली और टैंकर, बॉडी, टैक्स व बीमा का खर्चा छह लाख रुपए रहा। वह 65 से 70 हजार रुपए गाडि़यों की मासिक किश्त भर रहे हैं, जबकि ड्राइवर और तेल का खर्चा अलग से है, लेकिन सोसायटी की तानाशाही व गुंडागर्दी के चलते उन्हें अब किश्त देना भी मुश्किल हो गया है। पीडि़त सदस्यों ने शिकायत में बताया कि बीबीएन टैंकर को-आपरेटिव सोसायटी में कुल 18 गाडि़यां हैं जिसमें से 12 चुनिंदा गाडि़यों को तानाशाही तरीके से 150 से 170 चक्कर दिए जा रहे हैं। सिर्फ छह गाडि़यों को 55 से 65 चक्कर प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सोसायटी के अधिकतर सदस्यों के पास पुरानी गाडि़यां हैं, लेकिन नए सदस्यों को जबरन नई गाडि़यां लाने के लिए मजबूर किया जाता है। सदस्यों ने बताया कि 2018 में एक सदस्य की पुरानी गाड़ी को जबरन बंद कर दिया गया और उसे नई गाड़ी लाने को मजबूर किया गया, जबकि सोसायटी के पदाधिकारियों की खुद पुरानी गाडि़यां चल रही हैं। पीडि़त सदस्यों ने बताया कि, जिस सदस्य की पुरानी गाड़ी दिन के तीन चक्कर लगा रहीं थी उससे  जबरन नई गाड़ी डलवाकर उसे अब दो चक्कर दिए जा रहे हैं, जबकि उसकी पुरानी गाड़ी का नौ लाख बैंक लोन बकाया है और नहीं गाड़ी को काम नहीं मिल रहा वह भी बैंक द्वारा जब्त होने के कगार पर है। पीडि़त सदस्यों ने बताया कि उन्होंने मौखिक और लिखित तौर पर यूनियन के अध्यक्ष व पदाधिकारियों से गुहार भी लगाई, लेकिन यूनियन का रवैया तानाशाही है। सदस्यों का कहना है कि उन्हें अब प्रशासन से ही आस है कि प्रशासन यूनियन की इस तानाशाही को रोके और उन्हें न्याय दिलाए। बीबीएन टैंकर को-आपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष  कुलदीप राणा ने कहा कि  कुछ नई गाडि़यों को अभी तक पूरी तरह से स्थायी सदस्यता नहीं मिली है उन्हें अस्थायी सदस्य बनाया गया है। जैसे ही स्थायी सदस्यता का प्रोसेस पूरा हो जाएगा, किसी तरह का कोई विवाद नहीं रहेगा।  एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने बताया कि प्रशासन के पास शिकायत आई है, जिसे जांच के लिए पुलिस को भेज दिया गया है।

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