बुक फेयर…टूरिस्ट बोले, क्या बात है

शिमला—राजधानी शिमला के गेयटी थियेटर में भाषा, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित साहित्यिक व सांस्कृ तिक कार्यक्रम पुस्तक मेले में सोमवार को काफी संख्या में लोग पहुंचे। मेले के तीसरे दिन लोगों द्वारा काफी पुस्तकंे खरीदी गईं। यह पुस्तक मेला खास तौर पर बाहरी राज्यों से आने आए सैलानियों को भी खूब भा रहा है। हरियाणा, पंजाब से आए सैलानियों द्वारा काफी पुस्तकों को खरीदा जा रहा है। इस मेले की खास बात तो यह है कि मेले में हर वर्ग के आयु के लोगों के लिए विशेष पुस्तकें लगाई गई हैं। इस मेले में स्कूल, कालेज सहित साहित्य, गं्रथ जैसी किताबों को लांेगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। सोमवार को काफी संख्या में स्कूली बच्चों ने मेले में आकर पंचतंत्र कहानियों की पुस्तक खरीदी। वहीं, इस मेले में लगे स्टॉलों के दुकानदारों ने बताया कि उन्हें लोगों का खूब प्यार मिल रहा है। आज के दौर में अधिकतर युवा मोबाइल कम्पयूटर से ऑनलाइन स्टडी करते हैं। ऐसे में छात्र सही मायनों में पुस्तकों से दूर हो रहे हैं। आज का युवा हर समय मोबाइल पर ही चिपका रहता है, जो कि सही नहीं है। युवाओं को जरूरत है कि वे किताबों के महत्व को समझें। किताबों से प्रेम करंे। पुस्तकंे सबसे अच्छी मित्र होती हैं। अच्छी पुस्तकें पढ़ने से चरित्र निर्माण होता है। अच्छे विचार, प्रेरणादायक कहानियों से भरपूर किताबों से देश की युवा पीढ़ी उज्जवल भविष्य की ओर जाती है। वहीं, स्थानीय लोगों सहित सैलानियों द्वारा भी काफी पुस्तकों की खरीददारी की जा रही है। इस मेले में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत आदि भाषाओं की पुस्तकें  रखी गई हैं। इस मेले के जरिये पुस्तकों से प्रेम करने वाले लोग स्वयं को मेले में आने से नहीं रोक पा रहे हैं। बता दें कि शिमला में इस तरह का पुस्तक मेला पहली बार लगाया जा रहा है। इस मेले में हर तरह की किताबें सजाई गई हैं, जिसमें पोयट्री सहित नोबल, लव स्टोरी पुस्तकें युवाओं को खूब भा रही हैं। वहीं, राजा रानी की कहानियां, पंचतंत्र की कहानियां बच्चों द्वारा खूब पसंद की जा रही हैं। साथ ही आधात्मिक, ग्रंथ, ज्ञानवर्धक, साहित्यक पुस्तकों का भंडार लगा है। अधिकतर सैलानियों ने बताया कि उन्हें पुस्तक मेला काफी पसंद आया। इस मेले में वे पुस्तकें हंै जिन्हें बहुत पहले पढ़ा करते थे। इस मेले को देखने के लिए शहर के युवाओं में खासा क्रेज देखा गया।

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