बूंद-बूंद को तरसा जलेल

शिमला—शिमला शहर में जहां पानी की कमी नहीं है वहीं इसके साथ लगती जलेल पंचायत के लोग इन दिनों पानी के लिए तरस रहे हैं। ऐसा नहीं कि यहां पर पानी की कमी है, मगर दिक्कत यह है कि पेयजल की पाइप लाइन का काम पूरा नहीं हो सका है, जिस कारण यहां के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।  स्थानीय लोगों को तीन से चार दिन बाद बहुत कम मात्रा में पानी दिया जा रहा है। बताया जाता है कि जड़ेली पेयजल योजना की पाइप लाइन बदलने का काम कछुआ गति से चल रहा है। पाइप लाइन बदलने के लिए स्थानीय लोगों की जमीनों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन अब तक नई पाइपें नहीं बिछाई गईं। इस वजह से न तो लोगों को पेयजल मिल पा रहा है और न ही किसान खोदे हुए खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं। क्षेत्रवासी कई बार आईपीएच अधिकारियों के समक्ष इस पेयजल योजना का काम जल्द पूरा करने की मांग रख चुके हंै, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है। अधिकारियों के लापरवाही वाले रवैये से नाखुश जलेल पंचायत के ग्रामीणों ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करके मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और प्रमुख अभिंयता से पेयजल उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है। उन्होंने जड़ेली पेयजल योजना का काम जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है। पंचायत के उपप्रधान कपिल देव ने बताया कि पुरानी पाइप लाइन पूरी तरह से गल-सड़चुकी है। इस वजह से पानी की बहुत ज्यादा लीकेज हो रही है और लोगों को पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।

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