भगड़ोह के जंगल में भड़की आग, लोग सहमे

अंब—ग्राम पंचायत चौली के गांव भगड़ोह में जंगल में भड़की आग रिहायशी मकानों तक पहंुच गई, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों की मुस्तैदी के चलते आग आबादियों तक नहीं पहंुच पाई। चौली पंचायत के गांव भगड़ोह के प्राइवेट जंगल में रविवार शाम से आग लगी हुई थी। सोमवार दोपहर को जंगल की आग रिहायशी इलाकों की ओर फैल गई। आग के लपटें उड़कर एक स्लेटनुमा मकान जोकि आर्मी से सेवानिवृत्त सूबेदार दिलबाग सिंह के घर के ऊपर गिर गए, तभी वहां वन विभाग की टीम डिप्टी रेंजर अश्वनी कुमार, वन रक्षक, अजय कुमार ने जान की परवाह न करते हुए मकान की छत पर चढ़कर आग को बुझाया, यदि कर्मचारी अपनी जान की परवाह करते हुए ऐसा न करते तो आग की लपटों से पूरा गांव जलकर स्वाह हो जाता। जब यह घटना हुई तो उस समय घर मंे कोई भी नहीं था और घर के सभी लोग चौली में बनाए गए नए मकान में थे। बताते चले कि भगड़ोह गांव एक ऐसा गांव है। जोकि  भूगौलिक दृष्टि से चारों और से जंगल से घिरा हुआ है और आज दिन तक पक्की सड़क सुविधा से महरूम है। इसके चलते इस गांव के काफी लोगों ने पलायन कर घर बना लिए है। ज्यादातर घर खाली ही पडे़ हुए है। ऐसे में आज यदि वन विभाग मुस्तैदी न दिखाता तो पूरा गांव जलकर राख हो जाता। स्थानीय पंचायत की प्रधान सुदेश कुमारी, पूर्व प्रधान सुखदेव सिंह, वार्ड पंच अंजू बाला, सूबेदार दिलबाग सिंह, मौज सिंह, रमेश चंद, आदि ने वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा आज इस कार्य के लिये उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है। वहीं, डिप्टी रेंजर अश्वनी कुमार ठाकुर ने कहा कि वन विभाग जंगलों को आग से बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। लोगों के सहयोग के बिना आग को लगने से रोक पाना मुश्किल होता हैं। इसलिए सभी लोगों से अपील भी की गई है की वे घासनियों में जब तक बारिश नहीं हो जाती आग न लगाए। यदि कोई आग लगाता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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