भुंतर मेले में तोषी-सूर्यवंशी के गीतों पर झूमे दर्शक

भुंतर—भुंतर में मनाए जाने वाले चार दिवसीय मेले का शनिवार को धूमधाम के साथ शुभारंभ हुआ। मेले का आगाज शमशी की माता ज्वाला, माता कोयला, भुंतर के देवता सूरज पाल सहित अन्य देवी-देवताओं के यहां सैकड़ों देवलुओं संग विराजने से हुआ । देर शाम को कुल्लू के एचपीएमसी के वाइस चेयरमैन राम सिंह ने दीप प्रज्वलन के साथ मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों का श्रीगणेश किया। नगर पंचायत प्रधान कर्ण सिंह ठाकुर सहित अन्य पार्षदों ने इस मौके पर मुख्यातिथि और अन्य मेहमानों का स्वागत किया। मुख्यातिथि को कुल्लवी टोपी, शॉल और स्मृति चिन्ह से भी नवाजा गया। इसके बाद मुख्यातिथि ने मेले के विधिवत आगाज की घोषणा तो सांस्कृतिक गतिविधियां भी आरंभ हुई। पहले दिन स्कूली बच्चों और अन्य समूहों ने आकर्षक प्रस्तुतियां पेश कीं। चार दिवसीय मेला 18 जून तक चलेगा और इस दौरान अनेक प्रकार की गतिविधियां इसमें होगी। मेले की अहम गतिविधियों के दौरान सैनिक चौक भुंतर से गणेश चौक तक की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मेले में खेल प्रतियोगिताएं भी करवाई जानी हैं, तो हर रोज स्टार नाइट भी होंगी। नगर पंचायत के प्रधान कर्ण सिंह ने बताया कि मेले में आने वाले सभी देवी-देवता अपने हारियानों और लाव लश्कर के साथ विराजमान हो गए हैं और चार दिन तक भक्त अपने आराध्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी ले सकेंगे। मेले के तहत की जा रही विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं को अंतिम दिन विशेष तौर पर सम्मानित भी किया जाएगा। मेले के पहले दिन वाइस चेयरमैन राम सिंह ने भुंतरवासियों को मेले की शुभकामनाएं दीं तो मेला समिति के बेहतर प्रबंधों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति का प्रतीक है और इसमें हमें अपनी हिस्सेदारी निभानी चाहिए। बहरहाल, भुंतर मेले का रंगारंग आगाज शनिवार को हुआ।

मेले में इन स्कूलों ने भी बांधा समां

मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में कुल्लूवी कलाकार सीएम तोषी व अनिल सूर्यवंशी ने सटार नाईट में शहरवासियों का मनोरंजन किया। इसके अलावा पिड मांट स्कूल, शमशी स्कूल, आंचल गांधीनगर, लक्की ठाकुर बालीचौकी, निधिका सकलानी मंडी, कुशल शर्मा बालीचौकी, यशवंत जल्लूग्रां, शक्ति महिला मंडल परगाणु, जोगिंद्र ठाकुर मनाली, तेजिंद्र भुंतर, प्रज्वल नेगी, नरेश, भुंतर, आशा, सचिन, बादल कुल्लू, विशाका, कुमकुम समूह बैजनाथ व कशिश पालमपुर ने प्रस्तुति दी। देर रात दस बजे तक कार्यक्त्रम आयोजित हुआ।

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