भुंतर मेले में रमेश ठाकुर ने नचाए दर्शक

भुंतर—भुंतर में आयोजित हो रहे चार दिवसीय मेले के तीसरे दिन हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के पहलवानों ने कुश्ती अखाड़े में दमखम दिखाया, तो देर रात को सांस्कृतिक संध्या में कुल्लवी कलाकार रमेश ठाकुर ने दर्शकों को स्टार नाइट में नचाया। उन्होंने कुल्लवी गीतों के अलावा बालीवुुड गीत भी पेश किए। चार दिवसीय मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न स्कूलों के अलावा स्थानीय कलाकारों ने भी रंग जमाया। दो दर्जन म्यूजिक समूहों ने इस दौरान प्रस्तुति दी, तो रमेश ठाकुर ने रात दस बजे तक दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके अलावा भुंतर के दीपक, आशीष कुमार, शीतल, प्रियंका, राजेंद्र राजपाल, सुभिंदा कुमारी, कुल्लू के लज्जु राम, अनुराधा, चंद्रआभा मेमोरियल, रिया, सूरज थाची, भोपाल बालीचौकी, शेर सिंह कुल्लू, एमएस चौहान बालीचौकी, परस राम शमशी, हिमालयन समूह शौंढाधार, सूरज दियार, विपिन छमाहण, प्रताप फागु ने प्रस्तुति दी और दर्शकों को देर रात तक नचाया। मेला समिति के प्रधान कर्ण सिंह ठाकुर ने बताया कि दिन का मुख्य आकर्षण यहां हुई कुश्ती प्रतियोगिता रही। इस प्रतियोगिता में करीब दो दर्जन पहलवानों ने जोर आजमाइश की। इसके अलावा मेले के अंतिम दिन खेल प्रतियोगिता के तहत कबड्डी और वालीबाल के मुकाबले भी करवाए जाएंगे। इसके लिए टीमों ने पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की है। वहीं कुश्ती प्रतियोगिता देर शाम तक जारी रही। प्रतियोगिता का शुभारंभ मेला समिति के अध्यक्ष कर्ण सिंह ठाकुर ने किया, तो अन्य पार्षद व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे। अध्यक्ष ने बताया कि चार दिवसीय मेले का समापन मंगलवार को किया जाएगा। मनाली के जिला परिषद सदस्य और पूर्व प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर मेले का समापन करेंगी। इस दौरान वह चार दिनों तक आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं व प्रतिभागियों को सम्मानित करेगी। मेले के तहत सोमवार को खरीददारी के लिए भीड़ भी उमड़ी और जमकर कारोबार हुआ। नगर पंचायत प्रधान कर्ण सिंह ठाकुर ने बताया कि मेले के तहत विभिन्न गतिविधियों के अलावा देवी-देवताओं के दरबार में भी भक्त उमड़ रहे हैं। 

भुंतर मेले में विराजे देवता बालक महेश्वर

भुंतर मेले के तहत देवता बालक महेश्वर सोमवार को भुंतर में विराजमान हुए। इस मौके पर भुंतर में देवता के स्थान पर विशेष पूजा अर्चना की गई तो साथ ही यहां पर हवन यज्ञ भी हुआ। यहां दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा, तो भंडारा भी लगाया गया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि देवता अपने देवस्थान में विराजमान हो गए हैं और देवगतिविधियों को पूरा किया गया।

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