भेड़पालकों का किया जाए बीमा

भरमौर—अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी सुरजीत भरमौरी ने गद्दी समुदाय के पुश्तैनी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने का मामला प्रमुखता के साथ उठाया है। उन्होनंे भेड़पालकों और उनके पशुधन का बीमा करने की मांग की है। साथ ही भेड़पालकों के राह चलते चोरी होने की घटनाओं को गंभीरता के साथ लेते हुए सुरक्षा प्रदान करने का मामला भी सरकार के समक्ष रखा है। उन्होंने हिमाचल में सरकार का करीब डेढ़ वर्ष का कार्यकाल होने के बाद भी वूल फेडरेशन का गठन न करने पर सवाल भी उठाया है। सुरजीत भरमौरी ने कहा कि हाल ही में जनजातीय क्षेत्र भरमौर में घरेड पंचायत के भेड़पालक नारायण सिंह और लंभर की 140 के करीब भेड़-बकरियां आसमानी बिजली करने के कारण काल का ग्रास बन गई है। उन्होनंे सरकार से मांग की है कि पीडि़तों को फौरी राहत के साथ-साथ ही उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वह अपने पुश्तैनी व्यवसाय को आगे बढा सकें। उन्होंने कहा कि भेड़पालकों को सुविधाएं और उचित मुआवजा न मिलने के कारण इससे जुड़े लोग इस व्यवसाय से भी मुंह फेरने लगे है। उन्होंने कहा कि सरकार भेड़पालकों की सुविधाओं को लेकर भी गंभीर नहीं दिख रही है। यहीं बजह है कि हिमाचल की भाजपा सरकार का डेढ़ वर्ष का कार्यकाल होने के बाद भी अभी तक वूल फेडरेशन का गठन नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि वूल फेडरेशन का गठन न होने के कारण भेडपालकों की आवाज सरकार में दब कर रह गई है। जिसका नतीजा यह निकल रहा है कि भेडपालकों को उन का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है, वहीं भेड़ों की उन निकालने के लिए न तो मशीनें और न ही कारीगर समय पर मिल पा रहे है। उन्होंने कहा कि निचले इलाकों में भेडपालकों की भेड़-बकरियां चोरी होने की घटनाएं भी हो चुकी है। लेकिन इन पर भी सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि संघर्षमयी जीवन यापन करने वाले समुदाय के इन भेडपालकों और उनके पशुधन का बीमा करवाने की व्यवस्थ भी प्रदेश सरकार करें,ताकि विकट परिस्थितियों में उन्हें इसका लाभ मिल सकें।

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