भ्रमण पर निकले देवता लक्ष्मी नारायण

रामपुर बुशहर—भड़ावली पंचायत के अंतर्गत आषाढ की जातर मेला शुरू हो गया। अब अगले सात दिनों तक देवता साहिब लक्ष्मी नारायण देवलुओं सहित शलाटी क्षेत्र के हर गांव का दौरा करेंगे। मंगलवार को देवता साहिब लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण से निकल कर राजपूरा गांव पहुंचे। यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ अपने इष्ट देव का स्वागत किया। मंगलवार को देवता राजपूरा में ही रहेंगे। जिसके बाद बुधवार को देवता करेरी गांव पहंुचते है। मेले के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए पंचायत उपप्रधान दिनेश खमराल ने कहा कि ये मेला वर्षों पुरानी परंपरा को संजोए हुए है। इस मेले के दौरान देवता हर गांव का दौरा करते है। शलाटी क्षेत्र में जितनी भी देव ठहरी है वहां पर ग्रामीणों द्वारा देवता का स्वागत बड़े जोश के साथ किया जाता है। मेले के दौरान 22 जून को छलावट के चिरला में देवता साहिब के मुहरे को धोया जाता है और जो क्षेत्र से लोगो ने भेंट स्वरूप परिधान दिए जाते है उसे पहनाया जाता है। उसके बाद देवता साहिब सज धज के फिर से अगले दिन कमलाहू गांव को प्रस्थान करते है और यहाँ आयोजित मेले को धूमधाम से मनाया जाता है। तत्पचात फिर से 24 को छलावट और 25 को भड़ावली में मेला मनाया जाता है। यहाँ मेले के समापन के बाद 26 जून को सुबह लक्ष्मी नारायण फिर से अपने मंदिर परिसर कुमसु पंहुचते है। मंदिर पहुंचने के बाद देवता साहिब दोपहर बाद सजधज के नोगली में पधारते हैं और नोगली मेले का आगाज करते हैं। वहां उनके साथ अन्य देवी देवता भी मेले में मौजूद रहते है, करीब 3 दिन तक चलने वाले इस मेले में देवलु संग कई अन्य लोग जो मेले में शामिल होते है, इस बीच देवलु जमकर डोल नगाड़ो की थाप पर थिरकते है।

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