मंडियों में धांधलियों पर धरना

रामपुर बुशहर—ऊपरी शिमला में तूफान व ओलावृष्टि से हुए बागबानों की नकदी फसलों के नुकसान और मंडि़यों में सेब उत्पादकों के साथ होने वाली धांधलियों के विरोध में हिमाचल किसान सभा ने आवाज उठाई है। किसान सभा ने सोमवार को रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी निरमंड, रोहडू, कोटखाई व ठियोग में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक स्तर पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान सभा ने प्रदेश सरकार को मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें सभा ने बागबानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा देने व फल मंडि़यों में होने वाली धांधलियों को रोकने की मांग रखी। हिमाचल किसान सभा के जिला शिमला महासचिव देवकी नंद तथा किसान सभा जिला अध्यक्ष सत्यवान पुंडीर ने कहा कि ऊपरी शिमला के इन ब्लॉकों में बीते समय में बागबानों को भारी तूफान और ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ी है। जिससे उनकी सेब, पलम, खुमानी व अन्य नकदी फसल लगभग 30 प्रतिशत तक बर्बाद हो चुकी है। किसान सभा ने बताया कि ऊपरी शिमला विशेषकर रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी, निरमंड, रोहडू, कोटखाई व ठियोग के अधिकतर ग्रामीणों की आर्थिकी नकदी फसलांे पर ही निर्भर है। ऐसे में यदी उनकी फसल को नुकसान होता है तो उन्हें अपने परिवार को साल भर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन ये सब जानते हुए भी प्रदेश सरकार ने अब तक ना तो इन ब्लॉकों में फसल को हुए नुकसान का मुआयना किया और ना ही बागबानों को किसी तरह की सहायता देने की बात कही है। प्रदेश सरकार की इस कार्यप्रणाली पर बागबानों में सरकार के प्रति खसा रोष है। किसान सभा ने कहा कि सेब मंडियों मे भी बागबानों का शोषण किया जा रहा है। बागबानों से लोडिंग अनलोडिंग के नाम पर 20 से 25 रुपए काटे जा रहे हैं जबकि नियमानुसार पांच रुपए से अधिक नहीं काटे जा सकते। इसके अलावा बागबानांे पर कई आढ़तियों की मनमानी भी भारी पढ़ रह है। आढ़ती अपनी मनमानी से बागबानों को उनकी फसल का भुगतान करते है, कई बागबानों को तो पिछले दो तीन साल से सेब के पैसे की अदायगी नहीं हो पाई है। लेकिन प्रदेश सरकार इसे रोकने के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठा रही है। जिला अध्यक्ष सत्यवान पुंडीर ने कहा कि किसान सभा सभी ब्लॉक स्तर पर किसानों को संगठित करेगी और उनकी मांगो समस्याओं को हल करने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बनाएगी। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्ण ठाकुर, जगदीश, देवकी नंद, कुलदीप, परसराम, भगत राम, सोहन लाल, भीम सैन, श्याम लाल, दौलत राम, कुंदन, कबीर चंद, अमर चंद, रीना, किरना देवी, मुनीशा, सुबद्रा देवी, कांता देवी, लता, सरोजनी, बुद्धि देवी, गोयला देवी, बेगा नंद, फुला देवी, चेत राम, कमला, देवी, रमिला देवी, प्रेम चंद, हितेष हस्टा, दिनेश, बीडीसी सदस्य नारायण खन्ना, डेनी कायथ, भारत कानटू, इंद्र, कलमानंद, देवी सिंह, रविंद्र, नितिन, विकास व अन्य मौजूद रहे।

You might also like