मंत्रिमंडल विस्तार अभी एजेंडे में नहीं

मुख्यमंत्री ने किया स्पष्ट, पहले आचार संहिता के कारण रुके कामों पर होगा फोकस

नगरोटा बगवां: महाराणा प्रताप की 480वीं जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सम्मानित करते राजपूत कल्याण सभा के सदस्य

नगरोटा बगवां  – मंत्रिमंडल विस्तार अभी सरकार के एजेंडे में नहीं है तथा पहले अचार संहिता के कारण रुके कार्यों को गति देना सरकार की प्रार्थमिकता होगी। यह शब्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को नगरोटा बगवां के पठियार में पत्रकारों के सवाल पर कहे। वह यहां राजपूत कल्याण सभा द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की 480वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जहां मंत्रिमंडल विस्तार के सवालों को भविष्य पर टाल दिया, वहीं मंडी में भाजपा विधायक अनिल शर्मा को एक सरकारी समारोह में मंच पर स्थान न मिलने तथा धर्मशाला उपचुनाव से उम्मीदवारी के प्रश्नों से भी कन्नी काट ली। इससे पहले पठियार पहुंचने पर राजपूत सभा द्वारा कुलदीप ठाकुर की अगवाई में मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।  उन्होंने राजपूत सभा द्वारा 11 करोड़ से बनने वाले महाराणा प्रताप पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल की आधारशिला रखी तथा संस्थान को सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने परिसर तक सड़क को चौड़ा करने, विकास में जनसहयोग योजना के तहत सरकारी मदद उपलब्ध करवाने, सरकार की ओर से संस्थान को अतिरिक्त 31 लाख रुपए देने के साथ राजपूत कल्याण बोर्ड के गठन में राजपूत सभा को उचित प्रतिनिधित्व देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले 15 महीनों से दिन रात कार्य कर रही है, जिसका परिणाम है कि हाल ही में देश भर में हुए लोकसभा चुनाव में प्रदेश की अप्रत्याशित जीत इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरक्षण की जरूरत हर जाति वर्ग के निर्धन व्यक्ति को है, जिसके चलते हमारी सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया है। उन्होंने भारी जनादेश के चलते लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी भरोसा दिलाया। उधर, मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप सिंह को याद करते हुए उनके साहस और बलिदान की जमकर सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास के महापुरुषों को स्मरण कर उनके आदर्शों पर चलना  समाज के लिए शुभ संकेत है, जो स्वस्थ समाज की रचना में कारगर सिद्ध होगा। इस दौरान राजपूत सभा द्वारा उन हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सभा की गतिविधियों को बढ़ाने में अपनी ओर से सहयोग राशि उपलब्ध करवाई। इसके साथ समाज के विभिन वर्गों के मेधावी बच्चों तथा असहाय विधवाओं को सभा ने अपनी ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, किशन कपूर, अरुण मेहरा, रविंद्र रवि, रवि धीमान, सुरेंद्र काकू, विक्रम जरयाल, विक्रम ठाकुर, अर्जुन सिंह, अनिता धीमान, कृपाल परमार, मुल्खराज, उपायुक्त राकेश प्रजापति व एसपी संतोष पटियाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

महापुरुषों का योगदान न भूले समाज

जयराम ठाकुर बोले, महाराणा प्रताप का बलिदान न भूले नई पीढ़ी

नगरोटा बगवां – मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि यह चिंता का विषय है कि जीवन की भागदौड़ में हम उन महानुभावों के योगदान को याद करने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, जिन्होंने समाज उत्थान में महत्त्वपूर्ण निभाई। हमें वर्तमान पीढ़ी तथा आने वाली पीढि़यों को महापुरुषों के जीवन संघर्ष और उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताना चाहिए, ताकि उन्हें समाज, प्रदेश तथा देश हित में कार्य करने की प्रेरणा मिलती रहे।  मुख्यमंत्री गुरुवार को राजपूत कल्याण सभा द्वारा महाराणा प्रताप की 480वीं जयंती पर विख्यात शक्तिपीठ श्रीचामुंडा के समीप धर्मगिरि में राजपूत कल्याण ट्रस्ट द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह में बोल रहे थे। इससे पूर्व जयराम ठाकुर ने राजपूत कल्याण सभा ट्रस्ट के तत्वावधान में निर्माणाधीन महाराणा प्रताप इंटरनेशनल स्कूल परिसर की आधारशिला रखी। स्कूल निर्माण हेतु धर्मगिरि मठ के महंत कर्मगिरि ने 50 कनाल भूमि दान में दी है। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप के बलिदान और देश के लिए की गई उनकी सेवाओं को याद करते हुए कहा कि वह सच्चे देशभक्त और योद्धा थे। उन्होंने मुगल शासन के विरुद्ध लोहा लिया और कभी उसकी आधीनता स्वीकार नहीं की। वर्ष 1576 के ऐतिहासिक हल्दीघाटी युद्ध में उनकी शूरवीरता के कारण ही मुगलों को मुंह की खानी पड़ी थी। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि राजपूत कल्याण सभा द्वारा धर्मगिरि में निर्मित किए जा रहे महाराणा प्रताप इन्टरनेशनल पब्लिक आवासीय स्कूल में 20 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों की निःशुल्क शिक्षा के लिए आरक्षित रहेंगी।

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