मक्की की बिजाई रुकी

 शिमला —इस बार बेमौसमी बारिश ने किसानों-बागबानों को खासा नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में 80 फीसदी किसान मक्की की बिजाई नहीं कर पाए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि खेतों में बिजाई से पहले होने वाली नमी के लिए बारिश ही नहीं हो रही। हालांकि मौसम विभाग की बार-बार चेतावनी जारी करने के बाद किसानों ने खेतों को पूरी तरह बिजाई के लिए तैयार कर दिया है। मक्की से पहले खेतों में गोबर फेंकने से पहले, पहली बार खेतों को जोतने का कार्य भी पूरा कर दिया है। बावजूद इसके खेत पूरी तरह बंजर पड़े हैं। खेतों में नमी न होने की वजह से मक्की के साथ इस मौसम में उगाए जाने वाले वेजिटेबल भी अभी तक किसान नहीं उगा पाए हैं। सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, नाहन, सिरमौर में सबसे ज्यादा मक्की की फसलें उगाई जाती हैं। इन जिलों में खेत बंजर पड़े हुए हैं। यहां किसी भी तरह के बीजों की बिजाई किसान-बागबान नहीं कर पा रहे हैं। समय पर बारिश न होने के चलते कृषि विभाग ने भी चिंता जाहिर की है। कृषि विभाग के निदेशक देशराज शर्मा ने किसानों से अपील की है कि वे मक्की की बिजाई कर दें, वहीं खेतों में डाले जाने वाले मक्की के बीजों की मात्रा भी बढ़ा दें, ताकि कुछ पौधे अगर नमी न होने की वजह से खराब हो जाएं, तो बाकी पौधे तो बच जाएंगे।

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