मणिमहेश यात्रा में कुरकुरे; चिप्स, नमकीन पर प्रतिबंध

पोलिथीन मुक्त करवाने को अहम कदम; न्यास की बैठक में लिया फैसला, तीन सदस्यीय कमेटी का किया गठन

भरमौर -उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में कुरकुरे, चिप्स और नमकीन पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। यात्रा को पूर्ण रूप से पोलिथीन मुक्त करवाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मणिमहेश न्यास की बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं ट्रस्ट की इनकम को बढ़ाने और न्यास की कार्यप्रणाली को सशक्त करने के लिए एक तीन सदस्यों की कमेटी का भी गठन किया गया। यह कमेटी प्रदेश के मुख्य शक्तिपीठों और मंदिर ट्रस्टों का दौरा कर एक रिपोर्ट भी तैयार करेगी। इस वर्ष मणिमहेश यात्रा का आयोजन 24 अगस्त से छह सितंबर तक आधिकारिक तौर पर चलेगा। शुक्रवार को उपमंडल मुख्यालय भरमौर मिनी सचिवालय में आयोजित मणिमहेश न्यास की बैठक में उपरोक्त फैसले लिए गए हैं। मणिमहेश ट्रस्ट की बैठक में विधायक जियालाल कपूर विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में ट्रस्ट की आय को बढ़ाने के स्रोतों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ट्रस्ट के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर ने बताया की यात्रा के पुख्ता प्रबंधों के लिए सड़क, पानी, रहने व खाने-पीने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस बार भरमाणी माता के गेट के बाहर ही लंगर की व्यवस्था रहेगी। भरमाणी माता जल स्रोत के पानी को व्यावसायिक तौर पर इस बार लोगों की सहूलियत के लिए उपलब्ध कराने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। तथा होटल, ढाबों आदि में कुरकुरे, चिप्स, नमकीन आदि पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिससे यात्रा में प्रदूषण कम हो सके। ट्रस्ट द्वारा यह भी फैसला लिया गया कि इस मर्तबा हड़सर व धनछो में 100 के करीब शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य पुरुषोत्तम ने कहा कि लोगों की सहमति व विश्वास से ही इस कार्य को अंजाम दिया जाए। तीन लोगों की समिति गठित की जाएगी, जिसमें ट्रस्ट के सदस्य लक्ष्मण दत्त पुन्नू राम, कन्हैया लाल प्रदेश के निचले क्षेत्रों के प्रसिद्ध मंदिरों ब्रजेश्वरी मंदिर, बाबा बालकनाथ, ज्वालाजी व भलेई माता मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली तथा आय के स्रोतों को बढ़ाने  का अध्ययन करेंगे।

हटेगा अतिक्रमण

विधायक जियालाल कपूर ने कहा कि इस बार मेले के दौरान चौरासी मंदिर परिसर में व्यवसायिक दुकानों को मंदिर परिसर में नहीं लगाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को अन्य मंदिरों के भी दर्शन सुलभ हो सकें। उन्होंने कहा कि परिसर से अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा, जिसके लिए तहसीलदार भरमौर को आदेश दिएहैं। मंदिर परिसर के चारों ओर सौंदर्यीकरण के कार्य को अंजाम दिया जाएगा।

 

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