मनरेगा पर खर्च होंगे 378 करोड़

 सिरमौर में मनरेगा के तहत कार्यान्वित होंगे 38537 विकास कार्य, डीसी सिरमौर ललित जैन ने दी जानकारी

नाहन -सिरमौर जिला में वर्ष 2019-20 के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों के कार्यान्वयन के लिए 378 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।  यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर ललित जैन ने बुधवार को यहां देते हुए बताया कि गत 11 जून को जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में इस महत्त्वकांक्षी कार्य योजना का अनुमोदन किया गया था, जिसे कार्यान्वित करने के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि मनरेगा के तहत तैयार की गई शैल्फ के अंतर्गत 38537 विकास कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत तैयार की गई 378.50 करोड़ की शैल्फ में से 232 करोड़ की राशि मजदूर और 147 करोड़ की राशि निर्माण सामग्री पर व्यय ही जाएगी अर्थात इस कार्य योजना में मजदूरी और सामग्री का 60ः40 का अनुपात रहेगा। उन्होंने बताया कि इस कार्य योजना में से 121 करोड़ की राशि विकास खंड पांवटा साहिब में 11694 विकास कार्यों पर व्यय की जाएगी। इसी प्रकार 78 करोड़ की राशि विकास खंड राजगढ़ में 962 विकास कार्यों पर, 90 करोड़ की राशि विकास खंड नाहन में 7328 विकास कार्यों पर, 53 करोड़ की राशि विकास खंड शिलाई में 5331 विकास कार्यो पर, 56 करोड़ की राशि विकास खंड पच्छाद में 8284 विकास कार्यों पर और 52 करोड़ की राशि विकास खंड संगड़ाह में 4938 विकास कार्यों पर व्यय की जाएगी। उपायुक्त ने जिला में कार्यरत सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण परिवेश के बेरोजगार लोगों विशेषकर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत कार्यान्वित किए जाने वाले कार्यों को आरंभ करने से पहले चैक कर लिया जाए कि संबंधित कार्य किसी अन्य योजना के तहत स्वीकृत तो नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूर्ण होने होेने पर उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करके उसका इंद्राज एमआईएस पर निर्धारित अवधी में किया जाए।

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