मन्नतें चढ़ाने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

गोहर—मंडी जनपद के अधिष्ठाता देव कमरूनाग का दो दिवसीय सरानाहूली मेला शनिवार को बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। प्रतिवर्ष इस मेले के दौरान श्रद्धलुओं द्वारा मन्नतें पूर्ण होने के बाद सैकड़ों की तादाद में यंहां बकरे काटे जाते थे, लेकिन करीब पांच वर्ष पूर्व माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर लगाई गई रोक के चलते अब श्रद्धालुओं ने पशु बलि पर खर्च होने वाली राशि को देव कमरूनाग की ऐतिहासिक झील में विसर्जित करने का निर्णय लिया है। शनिवार को मेले के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने कमरूनाग मंदिर पहुंचकर शीश नवाया। शुक्रवार रात को मंडी जिला ही नहीं अपितु प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए हजारों लोगों ने मंदिर के समीप अलग-अलग टोलियों में रात भर कीर्तन भजन करके खूब लुत्फ उठाया। शनिवार प्रातः देव कमरूनाग मंदिर के चारों ओर आने वाले रास्तों से हजारों लोगों भी भीड़ देखने को मिल रही थी। रंग बिरंगी पोशाकों में सजे लोगों से मेले की रौनक एकदम बढ़ गई थी। मेला प्रबंधन कमेटी द्वारा इस दौरान देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु महिलाओं व पुरूषों के लिए अलग-अलग कतारों का प्रबंध किया गया था। शनिवार प्रातः करीब पांच बजे से लोग लाइन में खड़े होकर देवता के समक्ष पहंुचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पत्थर से बनी देव कमरूनाग की पिंडी के समीप पहंुचते ही अधिकांश श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर जहां एक ओर देवता का आभार व्यक्त कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर परंपरा के अनुसार वे कमरूनाग झील में सोने, चांदी के आभूषणों सहित नकदी भी चढ़ा रहे थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से मेले के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस का विशेष प्रबंध किया गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से एएसआई नारायण लाल को मेला अधिकारी के रूप में तैनाती दी गई थी। पुलिस के जवान आला अधिकारियों के फरमान के अनुरूप मेले में शांति बनाए रखने के साथ-साथ हुड़दंगियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। मेला प्रबंधन कमेटी ने मंदिर व ऐतिहासिक झील के समीप होने वाली हर गतिविधि को कैद करने हेतु मेले से पूर्व यहां सीसीटीवी कैमरों को स्थापित कर रखा है। कमेटी द्वारा लिए गए इस निर्णय का समाज के हर वर्ग से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है।

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