मलाणा का लोकतंत्र जानेगा अमरीका

यूएसए-मुंबई की टीम गांव पर बनाएगी डाक्यूमेंट्री, 17 से 21 जून तक डटी रहेगी टीम

कुल्लू – पहाड़ों की गोद में बसा एवं अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था से विख्यात पुरातन गांव मलाणा की ओल्ड डेमोक्रेसी पर अब यूएसए तक डाक्यूमेंट्री बनाने जा रहा है। वहीं, मुंबई की टीम भी यहां पहुंच बाकायदा वीडियोग्राफी कर डाक्यूमेंट्री तैयार करेगी। डाक्यूमेंट्री बनाने के लिए जिला कुल्लू में एडवेंचर सर्च रेस्क्यू एंड इनवेस्टिगेशन कर रहे एक दल के साथ यूएसए तथा मुंबई की टीम ने संपर्क साधा है। यहां के इस दल के साथ टीम ने डाक्यूमेंट्री बनाने के दिन भी तय कर दिए हैं। 17 जून को टीम मणिकर्ण घाटी पहुंच रही है। वहीं, 18 से 21 जून तक यूएसए की एक यूनिवर्सिटी की टीम मलाणा ओल्ड डेमोक्रेसी पर डाक्यूमेंट्री तैयार करेगी। यह डाक्यूमेंट्री नेगी एडवेंचर सर्च रेस्क्यू  एंड इनवेस्टिगेशन दल के बैनर तले बनेगी। रेस्क्यू दल के संचालक इसमें भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार डाक्यूमेंट्री में उन पहलुओं पर फोकस रहेगा, जो मलाणा के पुराने इतिहास, परंपरा, रीति-रिवाज, देव परंपरा, खानपान पर रहेगा। वहीं, विशेष फोकस यहां के चर्चित भांग के प्लांट पर भी रहेगा कि इसके साथ यहां के लोगों का इतना ज्यादा लगाव क्यों है? पूरी डाक्यूमेंट्री गांव में ही बनेगी। इसमें यहां के बुजुर्गों और देव समाज से जुड़े लोगों से विशेष बातचीत की जाएगी।  गौर हो कि विश्व की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले इस गांव में अपनी एक अलग न्याय और कार्यपालिका है। मलाणा के लोग सबूत के तौर पर जमलू देवता के मंदिर के बाहर लकड़ी की दीवारों की नक्काशी दिखाते हैं। लोगों की बोली इंडियन लैंग्वेज से अलग ग्रीक के जैसी है। नेगी एडवेंचर सर्च रेस्क्यू  एंड इनवेस्टिगेशन दल के संचालक एवं प्रभारी छापे राम नेगी ने बताया कि 18 से 21 जून तक यूएसए की एक यूनिवर्सिटी के छात्र एवं मुंबई की एक टीम मलाणा पर डाक्यूमेंट्री बनाने जा रही है। इस डाक्यूमेंट्री में उनकी टीम की भी विशेष भूमिका रहेगी। डाक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए टीमों ने टाइम मांगा है। यूएसए से छह सदस्यीय टीम आएगी तथा मुंबई से आठ सदस्यीय टीम आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि डाक्यूमेंट्री के माध्यम से वह भी मलाणा की प्राचीन इतिहास को कायम रखना चाहते हैं।

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