मांगें न मानीं तो शिमला में देंगे धरना

बैजनाथ—हिमाचल पथ परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संगठन की बैठक एचआरटीसी डिपो बैजनाथ के प्रांगण में प्रधान विधि सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर संगठन के महासचिव त्रिलोक चौधरी के अतिरिक्त  दर्जनों सेवानिवृत्त कर्मचारी मौजूद थे। इस मौके पर संगठन के महासचिव त्रिलोक चौधरी एवं प्रधान विधि सिंह ने कहा कि एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारी हिमाचल सरकार एवं परिवहन प्रबंधन की अनदेखी के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। पिछले कई कई वर्षों से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। न तो समय पर कर्मचारियों को पेंशन मिलती है, न हीं उनके देय भत्तों की अदायगी हो पा रही है। संगठन के महासचिव त्रिलोक चौधरी ने कहा कि एचआरटीसी से कर्मियों को सेवानिवृत्त हुए तीन साल हो चुके हैं। मगर आज दिन तक उन्हें पेंशन नहीं लग सकी। जिसकी बुढ़ापे में  वे बाट जो रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन प्रबंधन मई 2013 के बाद आज तक पेंशन की अदायगी के लिए एक तिथि निश्चित नहीं कर सका। सेवानिवृत्त करने को अपनी मांगों को लेकर न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा। प्रबंधन को न्यायालय के आदेश मिलने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई परिवहन प्रबंधन नहीं कर सका। परिवहन प्रबंधन ने न्यायालय के आदेशों की भी अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि परिवहन प्रबंधन को  बार-बार मांगपत्र  देने के बावजूद एचआरटीसी प्रबंधन व सरकार मांगों पर चर्चा के लिए पेंशनरों को नहीं बुलाती है।  सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संगठन ने निर्णय लिया है कि 14 जून को प्रातः 11ः00 से दोपहर तीन बजे तक प्रबंध निदेशक कार्यालय शिमला में बस स्टैंड के पास धरने का आयोजन करने का फैसला लिया है ताकि प्रबंधन और सरकार जाग सके। अगर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई मजबूर होकर सेवनिवृत्त कर्मचारियों को भूख-हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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