मारकंडा नदी को किया जाएगा प्रदूषण मुक्त

नाहन—ऋषि मार्कडेंय की तपोस्थली मारकंडा नदी को अब जल शुद्धिकरण योजना के तहत साफ किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर द्वारा बुधवार को जल शुद्धिकरण एवं स्वच्छता को बढ़ाने की योजना को आरंभ किया गया है। इसके तहत जिला सिरमौर की मारकंडा नदी को भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुद्धिकरण के लिए कदम उठाए जाएंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह योजना अब धरात्तल पर उतारनी शुरू कर दी है। जिला की मारकंडा नदी में उद्योगों और सीवेरज के चलते पानी प्रदूषित हो गया है, जिसकी बार-बार शिकायतें भी प्रशासन के समक्ष आती रही है। वहीं अब मारकंडा नदी को साफ करने के लिए त्रिलोकपुर और कालाअंब पंचायत में दो मल शोधन यंत्र को स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है, जबकि उद्योगों के लिए कॉमन जल शोधन यंत्र को स्थापित किया जाएगा। मारकंडा नदी के जल में अब कॉलिफार्म की मात्रा अत्याधिक हो चली है, जिसके लिए सबसे पहले उच्च तकनीक से वाटर ट्रीटमें किया जाएगा, जिसके चलते सीवरेज और रसायन युक्त नदी जल को ट्रीटमेंट कर रियुज किया जा सकेगा। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्रों और पंचायतों में भी अब पोलिथीन वेस्ट की खरीद कर रिसाईकल योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कालाअंब के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्रवण कुमार ने बताया कि मारकंडा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तकरीबन 50 करोड़ के सयंत्रों से प्रदूषण मुक्त किया जाएगा, जिसके लिए अभी तक भूमि चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। नदी में ठोस कचरा निपटान के लिए भी घर-घर से कूड़ा कचरा को उठाकर पृथकरण प्रणाली से रिसाईकल और वर्मी कंपोस्ट खाद के रूप मंे परिवर्तन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक श्रवण कुमार ने बताया कि प्रदूषित जल को शुद्धिकरण उच्च तकनीक से किया जाएगा, जिसका प्रयोग सिंचाई मे किया जा सकेगा। वहीं इस योजना के तहत सीवरेज पाइप लाइन का पानी भी उच्च तकनीक सयंत्र से ट्रीट किया जाना है। बहरहाल जिला की मारकंडा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए इसके प्रदूषण घटकों को सुधार करने की प्रक्रिया को मुख्यमंत्री की नई योजना लांच के बाद अब शुरू कर दिया जाएगा।

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