मिलन के बाद देवालयों को लौटे देवता

भुंतर—जिला कुल्लू के भुंतर में चार दिवसीय मेला मंगलवार को धूमधाम के साथ समाप्त हुआ। मेले का समापन प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर ने किया। नगर पंचायत भुंतर के प्रधान व मेला समिति के प्रभारी कर्ण सिंह ठाकुर, उपप्रधान नीना राणा सहित अन्य पार्षदों ने उनका स्वागत किया। आयोजन समिति ने कुल्लवी टोपी, मफलर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। चार दिवसीय मेले के अंतिम दिन इससे पहले कबड्डी की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। मेला समिति के प्रभारी ने इस प्रतियोगिता का शुभारंभ किया तो  अन्य पार्षद और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे। कबड्डी प्रतियोगिता में करीब एक दर्जन से अधिक टीमों ने खेल प्रतिभा का दम दिखाया। मेले के अंतिम दिन माता ज्वाला और अन्य देवताओं ने भी हारियानों संग अपने-अपने देवालयों को रवानगी भरी। इस दौरान देवताओं का भव्य मिलन भी देखने को मिला, तो देव दरबार में भक्तों ने माथा भी टेका। मेले के समापन मौके पर धनेश्वरी ठाकुर ने आयोजकों को मेले के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।  उन्होंने इस मौके पर चार दिन तक हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। इसके अलावा मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कुल्लू के कलाकार रमेश कुमार ने स्टार नाइट में भुंतर वासियों का मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में करीब दो दर्जन कलाकारों और समूहों ने अपनी प्रस्तुतियां देकर भुंतरवासियों का मनोरंजन किया। नगर पंचायत के प्रधान ने बताया कि अंतिम दिन भुंतर स्कूल, होली एंजल्स स्कूल, सूरतू, देव, ढाले राम, नूपी देवी, बालीचौकी, सुरेश ठाकुर लहाशणी, सुखराम पाहनाला, सुनील कुमार कुल्लू, स्वरवादिनी बजौरा, सृजन कुमारी खोखण, प्रकाश चंद भुंतर, मन्नत कुल्लू, चंपा कुमारी, खूब राम धीमान, कार्तिक  समूह व शिवाय समूह कुल्लू, जमदग्नि समूह शियाह, सोनू म्यूजिकल कुल्लू व विंग्स डांस गु्रप भुंतर ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि चार दिवसीय मेले के तहत हर रोज स्टार नाइट का आयोजन किया गया। इसके अलावा 100 से अधिक अन्य कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं। खेल प्रतियोगिताओं के तहत कुश्ती और कबड्डी के मुकाबले आकर्षण का केंद्र रहे। मेले के अंतिम दिन यहां पर कारोबार भी खूब हुआ। दिन भर खरीददारी को लोग उमड़े। नगर पंचायत प्रधान  ने बताया कि मेला सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। बहरहाल, चार दिवसीय भुंतर मेले के अंतिम दिन विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

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