मेहुल चोकसी को लाने की कवायद तेज

विशेषज्ञों की टीम देगी स्वास्थ्य पर कोर्ट को रिपोर्ट, 10 जुलाई को सुनवाई

नई दिल्ली –पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को लगभग 14 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाकर विदेश फरार होने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने की दिशा में बांबे हाई कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। चोकसी के स्वास्थ्य के बारे में कोर्ट को जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया गया है। इस टीम की रिपोर्ट देखकर कोर्ट तय करेगा कि चोकसी स्वास्थ्य की दृष्टि से हवाई यात्रा करने में सक्षम है या नहीं। कोर्ट ने चोकसी के वकीलों को अगले सोमवार तक हीरा कारोबारी की मेडिकल रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों की टीम नौ जुलाई को अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। बंबई हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। फरार हीरा कारोबारी ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए मामले की जांच में शामिल होने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया है। पिछले दिनों कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में मेहुल चोकसी ने कहा था कि वह देश से भागा नहीं है, बल्कि अपना इलाज कराने के लिए विदेश में है और जांच में शामिल होने का इच्छुक है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी कारणों से यात्रा करने में असमर्थ है। चोकसी ने हलफनामे में कहा था कि मैं फिलहाल एंटीगा में रह रहा हूं और जांच में मदद करने का इच्छुक हूं। अगर कोर्ट को उचित लगे तो वह जांच अधिकारी को एंटीगा भेजने का निर्देश दे सकता है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते शनिवार को चोकसी के हलफनामे के खिलाफ मुंबई की एक अदालत में हलफनामा दायर कर कहा कि फरार हीरा कारोबारी ने अपनी सेहत को लेकर जो दावा किया है, वह कोर्ट को गुमराह करने वाला है और निश्चित रूप से कानूनी प्रक्रिया को विलंब करने का एक प्रयास है। ईडी ने कहा कि मेहुल चोकसी को जांच में शामिल होने के कई मौके दिए गए, लेकिन वह शामिल नहीं हुआ। चोकसी ने दावा किया है कि उसकी 6129 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जो गलत है। ईडी ने जांच के दौरान उसकी 2100 करोड़ रुपए की ही संपत्ति कुर्क की है।

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