यहां बीमार हुए, तो पालकी ही बनेगी एंबुलेंस

यह गांव आजाद तो हो गया, पर सांसें अभी भी सियासी जंजीरों में जकड़ी हुई हैं। यहां सड़क की लकीर तो है, पर बेहतर यातायात सुविधा नहीं। आज भी कोई बीमार हो जाए तो उसे पालकी या पलंग में डाल कर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। हम बात पालमपुर की कैलाशपुर पंचायत के बल्ह गांव की कर रहे हैं। गांव के लिए आधी अधूरी सड़क बनी है, जिसका ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं। सड़क पर एक पुलिया भी बनाई गई है, जहां से पानी का रुख सीधा गांव सहित मंदिर की ओर कर दिया गया है, जो बरसात में खतरा बन जाता है। लोग कहते हैं कि विभाग कम से कम बल्ह मंदिर तक तो सड़क बना दे, ताकि लोगों को बीमारी में लाचार न होना पड़े।

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