यूटी में अतिक्रमण ने रोकी मॉक ड्रिल

रेहड़ी-फड़ी वालों की वजह से फायर बिग्रेड शहर में प्रवेश नहीं कर पाई, अधूरा रह गया जागरूकता का प्रयास

चंडीगढ़ -चंडीगढ़ में पार्किंग स्थलों पर अवैध रूप से बैठे फड़ी वाले किस कदर खतरनाक हो सकते हैं, यह  सेक्टर-19 के सदर बाजार में प्रमाणित हो गया। यहां नगर निगम के फायर एंड एमर्जेंसी विभाग ने आग से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए मॉक ड्रिल की। इस दौरान फायर टेंडर सदर बाजार में प्रवेश ही नहीं कर पाए। यहां न केवल पार्किंग स्थल पर, अपितु मार्किट में प्रवेश करने वाली हर सड़क पर रेहड़ी वाले इस कदर बैठे हैं कि लोगों का पैदल चलना मुश्किल है।  फिर फायर टेंडर के प्रवेश के बारे में तो सोचा ही नहीं जा सकता। शाम के समय फायर एंड एमर्जेंसी विभाग ने स्टेशन फायर ऑफिसर एसके गोसाईं के नेतृत्व में सदर बाजार में मॉक ड्रिल की। इस ड्रिल में सेक्टर 17 के फायर स्टेशन से दो तथा सेक्टर-32 के फायर स्टेशन से एक फायर टेंडर भेजे गए। इनमें एक हाइड्रालिक लैडर भी शामिल है। यहां पहुंच कर फायर विभाग के अधिकारियों के प्रयासों के बाद भी यह फायर टेंडर मार्किट में प्रवेश नहीं कर पाए। यहां पार्किंग स्थल पर तो फड़ी वालों के अवैध कब्जे हैं ही। साथ ही उन्होंने अपनी चारपाइयों के उपर जो त्रिपालें लगा रखी हैं, वह भी इतनी नीची हाइट पर हैं कि बडे़ वाहन वहां से गुजर ही नहीं पाते। जैसे तैसे एक वाहन ने फड़ी वालों को हटा कर प्रवेश किया, तो वह पेड़ों से लटकती डालियों में फंस  गया। वहां से बचे तो फायर बिग्रेड दुकानदारों द्वारा हैंगर पर लटकाए गए कपड़ों में फंस गए। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ के सेक्टर -19 में स्थित सदर बाजार से अतिक्रमण हटाने में  नाकाम  नगर निगम को पिछले दिनों अदालत की फटकार भी सहनी पड़ी थी। यहां चारपाई पर फड़ी लगाने के मामले में केवल 11 लोगों को वर्ष 2008 में अदालत ने स्टे दिया था, पर उसके आधार पर अब यहां के पूरे पार्किंग एरिया में चारपाइयों पर फडि़यां लगी रहती हैं। ये फडि़यां आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी जाम का कारण बनती हैं, लेकिन फिर भी ये रोजाना ही यहां पर लगाई जाती हैं।

क्या कहते हैं विभाग के कर्मचारी

इस ड्रिल का नेतृत्व कर रहे फायर विभाग के एसके गोसाईं का कहना था कि उन्हें इस मार्किट में इतनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा कि मॉक ड्रिल भी पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि दुकानदारों ने अवैध रूप से फड़ी वालों को बिजली के कनेक्शन दे रखे हैं। उनकी तारें इस कदर लटक रही हैं कि वह कभी भी खतरा उत्पन्न कर सकती है। ज्ञात रहे कि गत वर्ष अगस्त माह में बिजली की तारें ठीक करते समय एक लाइनमैन की यहां करंट लगने से मौत भी हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मार्किट में कुछ ढाबे वाले भी बैठे हैं। इनमें से कुछ तो सड़क के किनारे पर ही हैं। इनके पास कितने खाना बनाने वाले सिलेंडर हैं। इसकी किसी को जानकारी नहीं।

 

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