योग भगाए यमराज

नवेंदु उन्मेष

वरिष्ठ पत्रकार

यमराज अपने राजदरबार में कई दिनों से बेचैन नजर आ रहे थे। उनकी रात की नींदें गायब हो गई थीं। इसी बीच उनकी कैबिनेट के एक मंत्री ने उनसे पूछा महाराज मैं देख रहा हूं कि आप कई दिनों से बहुत बेचैन नजर आ रहे हैं। आखिर आपकी बेचैनी का कारण क्या है? बहुत सोच-विचार के बाद यमराज ने कहा मेरी चिंता यह है कि धरती पर इन दिनों लोगों की मौत कम संख्या में हो रही है। अगर यही हाल रहा, तो एक दिन मेरा राजपाट समाप्त हो जाएगा और जो लोग मेरे नाम से खौफ खाते हैं, वह भी बंद हो जाएगा। इस पर उनके मंत्री ने सलाह दी कि क्यों न इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई जाए। इस पर अन्य मंत्रियों से राय ली जाए कि आखिर धरती पर कौन सी ऐसी व्यवस्था बन गई है कि लोग पहले की अपेक्षा कम मर रहे हैं। एक दिन यमराज के कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। एक मंत्री ने कहा कि धरती पर लोगों की मौत नहीं होने का मुख्य कारण अच्छी सड़कों का होना है। अब सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत कम हो रही है। दूसरे मंत्री ने कहा कि कुछ समय से धरती के लोगों के खान-पान और रहन-सहन में बदलाव आया है। इन सब बातों से यमराज सहमत नजर नहीं आए। अंत में कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया कि यमराज के दूत धरती पर जाएंगे और यह पता लगाएंगे कि कम मौत होने का मुख्य कारण क्या है। एक दिन यमराज का दूत धरती पर आया। वह शहर में गया, देखा कि लोग अपने काम-धंधे में लगे हैं। अस्पताल में जाकर देखा कि वहां की चिकित्सा व्यवस्था ठीक हो गई है। कई देशों में घूमने के बाद उसने देखा कि अब उनके बीच तनाव नहीं है, क्योंकि युद्ध में भी थोक के भाव से आदमी मरते हैं। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर धरती पर लोगों की मौत कम कैसे हो गई है। एक दिन वह मार्निंग वॉक पर निकला। देखा कि कुछ लोग मैदान में उलट-पुलट रहे हैं। कभी हाथ इधर घुमाते हैं, तो कभी पैर उधर घुमाते हैं। उसने लोगों से पूछा कि आखिर यह कौन सी तकनीक है। लोगों ने उससे कहा कि यह योग है, इससे आदमी स्वस्थ रहता है और बीमार नहीं पड़ता। इसके बाद दूत को समझ में आ गया कि आदमी की मौत की संख्या में कमी क्यों आई है। उसने यमराज को लौट कर रिपोर्ट दी कि धरती पर मौत की संख्या घटने का मुख्य कारण अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था का दुरुस्त होना और लोगों का योग करना है। इसके बाद यमराज ने साजिश रची। वह धरती पर कमजोर कड़ी की खोज करने लगे। उन्हें समझ में आ गया। वह कोलकाता के एक अस्पताल में पहुंचे। वहां एक बूढ़ा मरीज मरने को तैयार नहीं था। वह वर्षों से योग कर रहा था। गनीमत रही कि अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद यमराज ने लोगों को पर्दे के पीछे से भड़काया। कुछ लोग उत्तेजित हुए और अस्पताल में चिकित्सकों पर टूट पड़े। इसके बाद क्या था, देशभर के चिकित्सक हड़ताल पर चले गए। अस्पताल में इनडोर और आउटडोर मरीजों की मौत होने लगी। इससे यमराज खुश हुए। उन्होंने सोचा मेरी साजिश काम आ गई। उसने तत्काल कैबिनेट की बैठक बुलाई और दीदी सहित सभी चिकित्सकों को धन्यवाद दिया। अब यमराज के दरबार में मृत्यु का शिकार हुए लोगों की लाइन लग गई। इसके बाद यमराज खुद योग करने के लिए बैठ गए। सोचा जब धरती के लोग योग से निरोग हो रहे हैं, तो मैं भी निरोग रहूंगा।

 

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