राजधानी में दोपहर बाद झमाझम बरसे मेघ

शिमला—जिला शिमला में सोमवार दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। बारिश से लोगों ने गर्मी से राहत ली है। मौसम विभाग की मानंे तो मगंलवार को भी जिला के अधिकांश क्षेत्रों में गर्जन के साथ बारिश होगी, जबकि जिला शिमला में 28 जून तक मौसम खराब रहेगा। इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने की सभावना जताई जा रही है। शिमला में सोमवार को सुबह से ही मौसम खराब बना रहा। आसमान मेें काले बादल घिरे रहे। दोपहर बाद एकाएक गर्जन के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान हिल्सक्वीन धुंध की आगोश मेें दिखी। राजधानी के साथ-साथ ऊपरी शिमला के कई स्थानोंे पर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से शिमला के अधिकतम तापमान मेंं तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। तापमान में गिरावट आने के बाद जनता ने गर्मी से राहत ली है। शिमला में शाम 4ः00 बजे तक झमाझम बारिश होती रही। बीते रविवार को भी जिला के ऊपरी क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश रिकार्ड की गई है। ऊपरी शिमला के सराहन, कुफरी व मशोबरा में बारिश दर्ज की गई है। सराहन में सबसे अधिक 12 मिली मीटर बारिश आंकी गई है। इसके अलावा कुफरी में आठ और मशोबरा में दो मिली मीटर बारिश हुई है। बारिश से न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आंकी गई है। तापमान में गिरावट आने के बाद जिला शिमला में मौसम सुहावना हो गया है। बाहरी राज्यों से शिमला पहुंचे सैलानी इस मौसम का भरपूर लुत्फ उठाते हुए देखा गया।

किसानों-बागबानों ने भी ली राहत की सांस

जिला शिमला में बारिश न होने के चलते फसलों पर  सूखे की मार पड़ रही थी, मगर आसमान से राहत बरसने के बाद अब किसानों व बागबानों ने राहत की सांस ली है। बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। खासतौर पर सेब के लिए बारिश को बहुत उपयोगी बताया जा रहा है। विशेषज्ञों केे मुताबिक यह बारिश फलों के आकार को बढ़ने में मददगार साबित होगी।

ओलावृष्टि व तूफान के खतरे से सहमे बागबान

जिला शिमला में भले ही बारिश को सेब की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है, मगर बागबान ओलावृष्टि व तूफान से सहमे हुए हंै। बागबानों को खतरा सता रहा है कि यदि इस दौरान बारिश होती है, तो वे फसलों को नुकसान दायक साबित हो सकती है। यह बागबानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।

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