रिज से मॉल तक दिखेगा सुरों का संगम

शिमला—3 जून से 6 जून तक आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव में इस वर्ष लोगों के मनोरंजन एवं उनकी सहभागिता बनाने के लिए सांयकालीन सांस्कृतिक संध्याओं के साथ – साथ दिन में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अमित कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मोत्सव में इस वर्ष लोगों के मनोरंजन के लिए हिमाचल के पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर सुरीली धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। यह धुनें हिमाचली परिवेश एवं जनजीवन पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक वाद्य यंत्रों का कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 11ः00 बजे से सांय 04ः00 बजे तक ऐतिहासिक रिज पर स्थित आशियाना के समीप एम्फी थियेटर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चम्बा के सुप्रसिद्ध खंजरी मुसादा का एम्फी थियेटर में सुबह 11ः00 बजे से 1200 12 बजे से दिन में 02ः00 बजे तक टमक वादन प्रस्तुत किया जाएगा। दिन में दो बजे से तीन बजे तक शहनाई वादन और  03:00 04:00 शिमला ग्रीष्मोत्सव में असम, गुजरात, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश तथा तेलंगाना के कलाकारों द्वारा राज्य विशेष के पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। उन्हांेने कहा कि 03 जून को सुबह 11ः00 बजे से दो बजे तक रिज मैदान पर पुस्तकालय के समीप मध्य प्रदेश का बधाई नोत्रा पुलिस नियंत्रण कक्ष के सामने 11ः00 बजे से चार बजे तक गुजरात का डांडिया एवं गरबा, रोटरी टाउन के समीप सुबह 11ः00 बजे से 04ः00 बजे तक जम्मू- कश्मीर का राउफ इसी समय अवधि में त्रिशूल बेकर्ज के सामने असम का बिहू तथा 11ः00 बजे से 04ः00 बजे तक सीटीओ के समीप तेलंगाना का माथूरी नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष ने कहा कि 03 से 06 जून तक लोगों के मनोरंजन के लिए चंडीगढ़ हरियाणा और राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न करतब भी प्रस्तुत किये जाएंगे। अमित कश्यप ने कहा कि 03 जून को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के उद्देश्य पर रिज मैदान पर पुस्तकालय के समीप दिन में दो बजे से चार बजे तक 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महानाटी प्रस्तुत की जाएगी।

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