रूपिन दर्रे से सुरक्षित निकालीं दो पर्वतारोही

शिमला —हिमाचल प्रदेश की सांगला वैली के रूपिन दर्रे में फंसे उत्तराखंड के पर्वतारोही दल की दो घायल सदस्यों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस दल के शेष सदस्य अपने अभियान में आगे निकल गए हैं। गुरुवार को पर्वतारोही वहां फंस गए थे, जिसमें एक महिला घायल हो गई थी। इसकी सूचना मिलने के बाद सरकार ने वायु सेना के हेलिकॉप्टर की सेवाएं लीं, लेकिन उन्हें वहां से नहीं निकाला जा सका। शुक्रवार सुबह ही वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसे सफलता मिल गई। शुक्रवार को मौसम साफ था, जिसके चलते आसानी से वहां हेलिकॉप्टर लैंड हो गया। दो घायल महिलाओं को वहां से निकाला गया, जिन्हें उपचार के लिए शिमला के आईजीएमसी में ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने वहां से उन्हें निकालकर  शिमला के अनाडेल में छोड़ा। शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप ने बताया कि भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर द्वारा रूपिन दर्रे से पर्वतारोही दल के दो घायल सदस्यों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। दल के कुल दस सदस्यों में से दो महिलाओं को निकाला गया। इनमें से एक महिला के घुटने में चोट आई है, जबकि दूसरी महिला हाइपोथर्मिया से पीडि़त है। दोनों का उपचार किया जा रहा है। अमित कश्यप ने कहा कि दल के शेष सदस्य अपने आगे के अभियान पर निकल गए हैं।  दोनों महिलाओं ने त्वरित बचाव कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। अमित कश्यप ने पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्ज से आग्रह किया है कि वे ऐसे विभिन्न अभियानों पर जाने से पूर्व संबंधित उपमंडलाधिकारी को अवश्य सूचित करें। पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्ज की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि वे इस संबंध में नियमों का पालन करें और सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ही अभियान पर निकलें। उपमंडलाधिकारी रोहड़ू एवं उपमंडलाधिकारी डोडरा-क्वार को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित बनाएं। पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्ज को पूर्ण स्वास्थ्य जांच एवं उचित फिटनेस प्रमाण-पत्र के बाद ही अभियान पर भेजा जाए।

मेडिकल चैकअप के बाद भेजे जाएं ट्रैकर्ज

प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल इस संबंध में उत्तराखंड के अपने समकक्ष को पत्र लिखकर आग्रह करेंगे कि उत्तराखंड से भी हिमाचल में पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्वतारोहियों को पूर्ण स्वास्थ्य जांच एवं औपचारिकताएं पूरी कर ही भेजा जाए।

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