रोहतांग में चलें इलेक्ट्रिक बसें

मनाली—जहां सरकार रोहतांग खुलने के बाद भी इलेक्ट्रिक बसों को चलाने में चुप्पी साधे बैठी हुई है। वहीं, अब ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के अनुसार इन बसों का संचालन तुरंत आरंभ करने की हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारी महासंघ ने बीड़ा उठाया है।  वहीं, चेताया है कि यदि बसों को नहीं चलाया गया तो संघ ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू डिपो को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के उपरांत रोहतांग में प्रदूषण को कम करने के लिए गत वर्ष 25 बसंे प्रदान की गई थीं। ये बसंे पिछले साल रोहतांग पास को चलाई भी गई थी, जिससे एक तरफ  निगम को आय हो रही थीं। वहीं एक बस में 25-30 यात्री भी रोहतांग जा रहे थे। जिससे प्रदूषण भी कम होता था। इन बसों को चलाए जाने से पर्यटक भी कम किराए में रोहतांग पहुंच जाते थे, लेकिन इस साल रोहतांग और गुलाबा के लिए रास्ता खुले हुए लगभग एक माह का समय हो गया है परंतु अभी तक भी इन बसों का संचालन रोहतांग के लिए नहीं हो पाया है। एक करोड़ से ऊपर की कीमत यह बसे खड़ी रहने से सरकार को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्य्क्ष उमेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता गौरी लाल भारती, कोषाध्यक्ष टेक चंद कटोच, एवं पदाधिकारियों विजय कुमार,अजय कुमार, अरुण कुमार, खेम चंद, जगदीश चंद, दीपक शर्मा, चमन लाल, प्रवीन कुमार, रूपेंद्र कुमार, तारा चंद, संजीव कुमार, दिनेश कुमार, शिव लाल, धनी राम, चेत राम, रणधीर कुमार ने निगम प्रबंधन और परिवहन मंत्री से मांग  की है कि निगम  के हितों को ध्यान में रखते हुए व ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के अनुसार इन बसों का संचालन तुरंत आरंभ किया जाए ताकि मनाली आने वाले पर्यटकों को टैक्सी ओपरेटरों द्वारा लिए जा रहे भारी भरकम किराए से राहत मिल सके और उनको कम किराए में रोहतांग के दीदार हो सके। इसके साथ ही संगठन मनाली से अवैध रूप से चल रही वोल्वो बसों के संचालन को बंद करने के लिए भी परिवहन मंत्री से आवश्यक कदम उठाने की मांग करता है। अगर इन बसों को चलाना आरंभ नहीं किया तो इन बसों को चलाए जाने के लिए संगठन को मजबूर होकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाना पडे़गा।

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