लापता एएन-32 एयरक्राफ्ट और नंदा देवी पर्वत पर गुम हुए लोगों के लिए दुआओं का दौर

जोरहाट/नई दिल्ली/पिथौरागढ़इंतजार यूं भी आसान नहीं होता, लेकिन जब आने वाला जिंदगी या मौत के बीच झूल रहा हो तो फिर दर्द की इंतहां नहीं होती। असम के जोरहाट से अरुणाचल के लिए उड़ान भरने वाले एएन-32 एयरक्राफ्ट में 5 जवानों समेत 13 लोग हों या फिर नंदा देवी पर्वत पर पर्वतारोहण पर निकले 8 लोग। दोनों ही जगहों पर लापता लोगों की खोज के लिए अभियान चल रहे हैं और हाथ खाली हैं। परिवारों में बेचैनी है और चमत्कार की उम्मीद के साथ दुआओं का दौर जारी है।  एक तरफ एएन 32 विमान में सवार चालक दल के 8 सदस्यों और 5 यात्रियों के परिजनों को अब भी अपनों की वापसी का इंतजार है। दूसरी तरफ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में हिमस्खल की चपेट में आए 8 पर्वतारोहियों के लिए भी अभियान चल रहा है। नंदादेवी पूर्वी चोटी को फतह करने के दौरान हिमस्खलन के शिकार इन विदेशी पर्वतारोहियों के बचने की संभावना समय के साथ बेहद कम हो गई है। आठ में से पांच के शव देखे भी गए हैं। मंगलवार को लापता पर्वतारोहियों के बचाए गए चार साथी आंखों में आंसू और लब पर दुआएं लिए पिथौरागढ़ से अपने देशों के लिए रवाना हुए। वहीं अरुणाचल में एएन-32 एयरक्राफ्ट की खोज का अभियान गुरुवार शाम को खराब मौसम के चलते रोक दिया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह एक बार फिर से तीनों सेनाओं ने अपने-अपने स्तर पर सर्च अभियान शुरू किया है।
 

IAF ने लापता एएन-32 का खोज अभियान तेज किया 

वायुसेना ने अपने अभियान में स्थानीय लोगों और पुलिस एजेंसियों को भी शामिल किया है। लापता विमान को खोजने के लिए सैटलाइट और दूसरे साधनों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा एसयू-30, सी-130जे विमान भी इस सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं। ये विमान रात के अंधेरे में भी उड़कर लापता विमान की खोज कर रहे हैं। 

परिजनों की अपील, सर्च ऑपरेशन में लाएं तेजी 

लापता विमान को खोजने के लिए सैटलाइट और दूसरे साधनों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा एसयू-30, सी-130जे विमान भी इस सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं। ये विमान रात के अंधेरे में भी उड़कर लापता विमान की खोज कर रहे हैं। इससे पहले खराब मौसम की वजह से बुधवार को विमानों और हेलिकॉप्‍टर की मदद से किया जा रहा अभियान बंद कर दिया गया था। मगर जमीन पर रेडार और सैटलाइट्स के जरिए विमान की खोज रातभर जारी रही। हालांकि सुदूर इलाके और मौसम खराब होने की वजह से कई बार सर्च अभियान को रोकना पड़ा है। वायुसेना ने चार एमआई-17 हेलिकॉप्टर्स, तीन अडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर्स को तैनात किया है। इनके अलावा दो सुखोई-30 एयरक्राफ्ट, एक सी-130 ट्रांसपोर्टर एयरक्राफ्ट और एक मानवरहित एरियल वीकल को तैनात किया गया है। यही नहीं सेना ने शुक्रवार सुबह से दो चीता हेलिकॉप्टरों को भी सर्च मिशन में शामिल किया है।  

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