लाहुल के नाले में बाढ़ सैलानी गाडि़यों में कैद

केलांग —लाहुल के फुमन नाले में बाढ़ आने से हजारों सैलानी मंगलवार को मनाली-लेह मार्ग पर फंस गए। अचानक नाले में आई बाढ़ की जद में जहां एक पुल तहस-नहस हो गया है, वहीं सड़क का भी कुछ हिस्सा बह गया है। फुमन नाले में बाढ़ आने की सूचना लाहुल-स्पीति प्रशासन को जैसे ही मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और मनाली-लेह मार्ग की बहाली में जुट गया। बीआरओ के जवानों ने छह घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद जहां मनाली-लेह मार्ग पर यातायात बहाल किया, वहीं इस दौरान करीब 400 से अधिक पर्यटक वाहनों में हजारों सैलानी यहां फंसे रहे। इसके अलावा एचआरटीसी की तीन बसें भी यात्रियों सहित मनाली-लेह मार्ग पर घंटों फंसी रहीं। जानकारी के अनुसार कोकसर के समीप बहने वाला फुमन नाले में मंगलवार सुबह अचानक पानी बढ़ने लगा, जिसने देखते ही देखते बाढ़ का रूप ले लिया। ऐसे में यहां नाले पर बने एक छोटा पुल बाढ़ की भेंट चढ़ गया, वहीं सड़क का कुछ हिस्सा भी बह गया। मनाली-लेह मार्ग पर इस दौरान सैंकड़ों वाहनों के जहां पहिए थम गए। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि नाले में आई बाढ़ से सड़क जहां बह गई है, वहीं यातायात जल्द बहाल करने के लिए बीआरओ को मार्ग के साथ लगती बर्फ को काट नया रास्ता तैयार करना पड़ा। उधर, केलांग डिपो के आरएम मंगलचंद मनेपा का कहना है कि कोकसर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बहने वाले फुमन नाले में बाढ़ आने से निगम की तीन बसें भी यहां यात्रियों सहित फंस गई थीं। ऐसे में जहां बसों को ट्रांसमिट कर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, वहीं कुछ अतिरिक्त बसों को भी केलांग से कोकसर के बीच चलाया गया और यहां फंसे लोगों व सैलानियों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया। उधर, वाहन चालक रमेश, राजू ने बताया कि मंगलवार को मनाली की ओर से 400 से अधिक पर्यटक वाहन लाहुल व लेह के लिए रवाना हुए हैं। बाढ़ आने से सभी वाहन कोकसर में फंस गए थे, जबकि लेह से आने वाले वाहन भी सिस्सू के आसपास फंसे थे। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि फुमन नाले में बाढ़ आने से जहां नाले पर बनी पुलिया धवस्त हो गई है, वहीं बीआरओ ने बर्फ काट अन्य स्थल से अस्थायी सड़क बना जहां यातायात बहाल किया,वहीं नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। उधर, एसडीएम केलांग अमर नेगी का कहना है कि फुमन नाले में बाढ़ आने से मनाली-लेह मार्ग पर मंगलवार को यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

बर्फ पिघलने से कभी भी चढ़ जाता है पानी

गर्मियों में लाहुल में बहने वाले नालों में कभी भी बाढ़ आ जाती है। इसका कारण है तेज धूप में पहाड़ों पर पड़ी बर्फ का तेजी से पिघलना। हालांकि मनाली-लेह सड़क पर सफर करने वाले लोगों व सैलानियों को इसकी जानकारी रहती है। ऐसे में इस सड़क पर सफर करने वाले लोग घाटी के इन नालों को दोपहर होने से पहले ही पार करते हैं, क्योंकि दोपहर बाद इन नालों में पानी बढ़ना शुरू हो जाता है। मंगलवार को जहां रोहतांग दर्रा सैलानियों के लिए बंद रखा जाता है, वहीं लाहुल जाने वाले सैलानियों की संख्या इस दिन अधिक रहती है।

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