लुप्त हो रही लिपियोंं को सहेजना जरूरी

शिमला -लुप्त हो रही लिपियांे को सहेजना बेहद जरूरी है, जिसमंे अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के पंाचवंे दिन टांक री लिपियांंे पर चर्चा की गई। इसमंे किशोरी चंदेल, डॉ सविता ठाकुर, ओसी होंडा ने शोध मंे भाग लिया। इसकेअलावा  डॉ अरूण सिंह, डॉ ओपी शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद थे।  वहीं 13 जून को लेखक एसआर हरनोट की पुस्तकांे का लोकापर्ण किया जाएगा। 14 जून को दितीय राजभाषा संस्कृत पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमंे शंाता कुमार पूर्व मुख्यमंत्री मौजूद होंगें। इसी दिन गेयटी मंे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगें। 15 जून को बाल कहानी पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। और 16 जून को समकालीन साहित्य के विविध आयाम कविता कहानी व्यंग्य पाठ एवं समीक्षा का आयोजन किया जाएगा। फिलहाल अब पुस्तक मेले के दौरान पुस्तकें खरीदारी को लेकर ये देखा जा रहा है कि यहां पर धीरे -धीरे पुस्तकंे खरीदने का ग्राफ बढ़ रहा है। जिसमंे स्थानीय जनता तो ज्यादा पुस्तकें खरीदती नहीं दिख रही लेकिन पर्यटकांे का पुस्तकंे खरीद मंे क्रेज़ ज्यादा दिख रहा है। अभी देश भर से लगभग 25 प्रकाशक इस पुस्तक मेले में भागले रहे हैं जिसमें वाणी प्रकाशन, प्रतिश्रुति प्रकाशन कोलकाता, सस्ता साहित्य मंडल दिल्ली, अंतिका प्रकाशन, नई किताब, अनन्य प्रकाशन, परिमल प्रकाशन, आभी प्रकाशन, जीनियस हाइव पब्लिकेशन, महावीर बुक डिस्ट्रीब्यूटरए, कविता प्रकाशन, भारतीय कला प्रकाशन, ग्लोरियल इन्टरनेशनल, राजस्थान पत्रिका, उच्च अध्ययन संस्थान शिमला, अहमदिया मुस्लिम कमोनिटी भाग ले रहे हैं। जिसमंे सभी प्रकाशकांे क ी पुस्तकांे को पसंद किया जा रहा है।

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